आंदोलन–क्षेत्र–वर्ष–कारण–नेता के युग्म याद रखें। सभी जनजातीय और किसान आंदोलनों को एक जैसा न मानें; भूमि से बेदखली, वन-नियंत्रण, महाजनी ऋण, लगान और नील की खेती का दबाव क्षेत्रानुसार अलग था।
अत्यंत महत्वपूर्ण आंदोलन
आंदोलन
परीक्षा-सूत्र
संथाल हूल
1855–56; सिद्धू और कान्हू; राजमहल पहाड़ियाँ; वर्तमान झारखंड।
कोल विद्रोह
1831–32; छोटानागपुर; बुधु भगत प्रमुख नाम हैं।
मुंडा उलगुलान
1899–1900; बिरसा मुंडा; छोटानागपुर।
नील विद्रोह
1859–60; बंगाल; जबरन नील की खेती के विरुद्ध।
पाबना किसान अशांति
1873–76; बंगाल; काश्तकारों का प्रतिरोध।
दक्कन दंगे
1875; महाराष्ट्र; ऋणी किसानों और साहूकारों से जुड़ा संघर्ष।