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1857 का विद्रोह: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

8 min read · Updated 13 Sep 2026

1857 का विद्रोह: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग

कारण, तात्कालिक चिंगारी, प्रमुख केंद्र और नेता, बिहार के वीर कुंवर सिंह, दमन और परिणाम तैयार करें। किसी कारण को कारतूस घटना से, किसी स्थानीय केंद्र को पूरे विद्रोह से, और 1858 के बाद कंपनी शासन को क्राउन शासन से न मिलाएँ।

सरल परिचय

विद्रोह 10 मई 1857 को मेरठ में शुरू हुआ और दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, झाँसी, बरेली, बिहार तथा अन्य क्षेत्रों तक फैला। इसमें सिपाही, शासक, तालुकेदार, जमींदार, किसान और नगरवासी अलग-अलग रूपों में शामिल हुए। चर्बी लगे कारतूस का विवाद तात्कालिक चिंगारी था, लेकिन राजनीतिक विलय, आर्थिक शिकायतें, सैन्य भेदभाव, भूमि संबंधी दबाव और धार्मिक-सामाजिक आशंकाएँ व्यापक पृष्ठभूमि थीं।

कालक्रम

प्रमुख केंद्र और नेता

केंद्रनेता / संबंध
दिल्लीबहादुर शाह द्वितीय; प्रतीकात्मक मुगल नेतृत्व।
कानपुरनाना साहब; तात्या टोपे प्रमुख सहयोगी।
लखनऊबेगम हज़रत महल; बिरजिस क़द्र।
झाँसीरानी लक्ष्मीबाई।
बरेलीखान बहादुर खान।
जगदीशपुर/आरा, बिहारवीर कुंवर सिंह; अमर सिंह महत्त्वपूर्ण सहयोगी थे।

कारण: परतों को अलग रखें

परतउदाहरण
राजनीतिकविलय, हड़प नीति और अवध विलय ने शासकों तथा अभिजात वर्ग को नाराज़ किया।
आर्थिक/भूमिराजस्व मांग और पुराने हितों के विघटन ने किसानों, तालुकेदारों और जमींदारों को अलग-अलग प्रभावित किया।
सैन्यसिपाहियों की शिकायतें, वेतन/सेवा के प्रश्न और जाति-समुदाय संवेदनाओं की उपेक्षा।
धार्मिक-सामाजिक आशंकाधार्मिक और सामाजिक प्रथाओं में हस्तक्षेप का भय।
तात्कालिक चिंगारीएनफील्ड राइफल कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी होने की आशंका।

बिहार विशेष: वीर कुंवर सिंह

भोजपुर के जगदीशपुर के कुंवर सिंह ने लगभग अस्सी वर्ष की उम्र में बिहार में प्रतिरोध का नेतृत्व किया। संस्कृति मंत्रालय उन्हें बिहार में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का मुख्य संगठनकर्ता बताता है और अमर सिंह तथा सेनानायक हरे कृष्ण सिंह के सहयोग का उल्लेख करता है। जुलाई 1857 में दानापुर के सिपाही आरा विद्रोह में जुड़े। कुंवर सिंह ने चलायमान और छापामार रणनीतियाँ अपनाईं, कई क्षेत्रों में गए, बिहार की ओर लौटे और संघर्ष में घायल होने के बाद शीघ्र ही उनकी मृत्यु हुई। बिहार प्रकरण को केवल एक युद्ध न मानें; यह स्थानीय समर्थन और बदलती सैन्य गतिविधियों वाला अभियान था।

परिणाम

परिवर्तनपरीक्षा बिंदु
भारत शासन अधिनियम, 1858कंपनी शासन समाप्त कर शासन ब्रिटिश क्राउन को दिया।
भारत सचिवभारतीय मामलों के लिए ब्रिटिश मंत्रिमंडल स्तर का नया पद।
सेना पुनर्गठनब्रिटिशों ने विद्रोह के बाद भर्ती और सैन्य व्यवस्थाएँ बदलीं।
देशी रियासतेंब्रिटिशों ने संधियों के सम्मान का वादा किया और हड़प नीति को उसी तरह आगे नहीं बढ़ाया।
बहादुर शाह द्वितीयपदच्युत कर रंगून (वर्तमान यांगून) भेजे गए।

प्रारंभिक परीक्षा के जाल

  • 10 मई को मेरठ विद्रोह का केंद्र था; दिल्ली बहादुर शाह द्वितीय के तहत प्रतीकात्मक केंद्र बना।
  • रानी लक्ष्मीबाई: झाँसी; बेगम हज़रत महल: लखनऊ; कुंवर सिंह: बिहार।
  • कारतूस तात्कालिक चिंगारी थे, एकमात्र कारण नहीं।
  • अवध कथित कुशासन के आधार पर मिला था, हड़प नीति से नहीं।
  • 1858 में कंपनी शासन समाप्त हुआ, भारत में ब्रिटिश शासन नहीं।
  • कुंवर सिंह जगदीशपुर, वर्तमान भोजपुर से थे, झाँसी या लखनऊ से नहीं।

20 BPSC प्रारंभिक परीक्षा MCQ