BPSC · History

सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन और उन्नीसवीं शताब्दी का नवजागरण

8 min read · Updated 15 Sep 2026

सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन और उन्नीसवीं शताब्दी का नवजागरण

BPSC की मांग

सुधारक–संगठन–वर्ष–उद्देश्य के युग्म पढ़ें। अलग-अलग आंदोलनों को एक ही “सुधार” कार्यक्रम न मानें: शिक्षा, जाति, स्त्री-अधिकार, धार्मिक व्याख्या और समुदाय-उत्थान के अलग उद्देश्य थे।

मुख्य युग्म

सुधारक/आंदोलनसुरक्षित संकेत
राजा राममोहन रायब्रह्म सभा (1828); सती प्रथा के विरोध का अभियान।
विद्यासागरविधवा पुनर्विवाह के समर्थक; हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856।
ज्योतिबा फुलेसत्यशोधक समाज, 1873; जाति-विरोध और सामाजिक समानता।
दयानंद सरस्वतीआर्य समाज, 1875; “वेदों की ओर लौटो।”
विवेकानंदरामकृष्ण मिशन, 1897।
सर सैयद अहमद खाँअलीगढ़ आंदोलन; मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज, 1875।

कालक्रम

आंदोलन-मानचित्र

आंदोलनस्थान / केंद्र
ब्रह्म आंदोलनबंगाल; एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधार।
प्रार्थना समाजबंबई; सुधार और भक्तिपरक एकेश्वरवाद; आत्माराम पांडुरंग ने 1867 में स्थापना की।
सत्यशोधक समाजमहाराष्ट्र; जाति समानता और सामाजिक न्याय।
आर्य समाजवैदिक अधिकार पर आधारित सुधार।
अलीगढ़ आंदोलनमुसलमानों में आधुनिक शिक्षा।

20 अभ्यास प्रश्न