बिहार-उड़ीसा प्रांत (1912), प्रशासनिक विकास और झारखंड (2000)
BPSC प्रारंभिक परीक्षा की मांग
यह तिथि–अधिनियम–मानचित्र विषय है। तीन मोड़ अलग रखें: 1 अप्रैल 1912 को बिहार-उड़ीसा प्रांत; 1 अप्रैल 1936 को उड़ीसा के अलग होने के बाद अलग बिहार प्रांत; तथा बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत 15 नवंबर 2000 को झारखंड का गठन।
मुख्य कालक्रम
तीन तिथियाँ, तीन परिणाम
तिथि
घटना
सुरक्षित उत्तर
1 अप्रैल 1912
बंगाल प्रेसीडेंसी के क्षेत्रों से बिहार-उड़ीसा प्रांत बना।
“बिहार-उड़ीसा प्रांत का गठन।”
1 अप्रैल 1936
उड़ीसा अलग प्रांत बना; बिहार-उड़ीसा का नाम बिहार हुआ।
“उड़ीसा के विभाजन के बाद बिहार अलग प्रांत बना।”
15 नवंबर 2000
बिहार पुनर्गठन अधिनियम से झारखंड बना।
“अधिनियम लागू; मौजूदा बिहार का पुनर्गठन।”
अधिनियम और भूगोल
विषय
तथ्य
बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000
अधिनियम संख्या 30; 25 अगस्त 2000 को अधिनियमित; 15 नवंबर 2000 को लागू।
झारखंड
नियत दिन पर मौजूदा बिहार से नया राज्य बना।
पटना
1912 में बिहार-उड़ीसा के बंगाल से अलग होने के बाद राजनीतिक राजधानी।
रांची
1912 में पटना में स्थानाभाव के कारण अस्थायी सरकारी मुख्यालय; अब झारखंड की राजधानी।
उड़ीसा/ओडिशा
1 अप्रैल 1936 से अलग प्रांत; ओडिशा वर्तमान राज्य-नाम है।
अविभाजित बिहार
पुरानी सीमा को आज के बिहार का नक्शा न मानें; दक्षिणी औद्योगिक-खनिज क्षेत्र का बड़ा भाग अब झारखंड में है।