BPSC · History

बिहार-उड़ीसा प्रांत (1912), प्रशासनिक विकास और झारखंड (2000)

8 min read · Updated 15 Sep 2026

बिहार-उड़ीसा प्रांत (1912), प्रशासनिक विकास और झारखंड (2000)

BPSC प्रारंभिक परीक्षा की मांग

यह तिथि–अधिनियम–मानचित्र विषय है। तीन मोड़ अलग रखें: 1 अप्रैल 1912 को बिहार-उड़ीसा प्रांत; 1 अप्रैल 1936 को उड़ीसा के अलग होने के बाद अलग बिहार प्रांत; तथा बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत 15 नवंबर 2000 को झारखंड का गठन।

मुख्य कालक्रम

तीन तिथियाँ, तीन परिणाम

तिथिघटनासुरक्षित उत्तर
1 अप्रैल 1912बंगाल प्रेसीडेंसी के क्षेत्रों से बिहार-उड़ीसा प्रांत बना।“बिहार-उड़ीसा प्रांत का गठन।”
1 अप्रैल 1936उड़ीसा अलग प्रांत बना; बिहार-उड़ीसा का नाम बिहार हुआ।“उड़ीसा के विभाजन के बाद बिहार अलग प्रांत बना।”
15 नवंबर 2000बिहार पुनर्गठन अधिनियम से झारखंड बना।“अधिनियम लागू; मौजूदा बिहार का पुनर्गठन।”

अधिनियम और भूगोल

विषयतथ्य
बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000अधिनियम संख्या 30; 25 अगस्त 2000 को अधिनियमित; 15 नवंबर 2000 को लागू।
झारखंडनियत दिन पर मौजूदा बिहार से नया राज्य बना।
पटना1912 में बिहार-उड़ीसा के बंगाल से अलग होने के बाद राजनीतिक राजधानी।
रांची1912 में पटना में स्थानाभाव के कारण अस्थायी सरकारी मुख्यालय; अब झारखंड की राजधानी।
उड़ीसा/ओडिशा1 अप्रैल 1936 से अलग प्रांत; ओडिशा वर्तमान राज्य-नाम है।
अविभाजित बिहारपुरानी सीमा को आज के बिहार का नक्शा न मानें; दक्षिणी औद्योगिक-खनिज क्षेत्र का बड़ा भाग अब झारखंड में है।

20 BPSC-स्तरीय बहुविकल्पीय प्रश्न