असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलनों में बिहार
BPSC प्रारंभिक परीक्षा की मांग
हर आंदोलन को अलग तिथि–नेता–स्थान–तरीके के रूप में पढ़ें। बिहार से जुड़े प्रश्नों में असहयोग के साथ बिहार विद्यापीठ और राजेंद्र प्रसाद; सविनय अवज्ञा में नमक कार्रवाई व राजेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी; तथा भारत छोड़ो में पटना सचिवालय के सात शहीद और जयप्रकाश नारायण आते हैं।
तीन आंदोलनों का कालक्रम
बिहार का तुलनात्मक पक्ष
आंदोलन
राष्ट्रीय संकेत
बिहार के मुख्य तथ्य
असहयोग
1920–22; बहिष्कार और असहयोग
भागलपुर प्रांतीय सम्मेलन, राजेंद्र प्रसाद; बिहार विद्यापीठ; नेशनल कॉलेज।
सविनय अवज्ञा
1930; नमक सत्याग्रह
6 अप्रैल से सारण; सारण और चंपारण शुरुआती जिले; 5 जुलाई 1930 को राजेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी; बाद में दीप नारायण सिंह।
भारत छोड़ो
1942; अगस्त क्रांति; “करो या मरो”
पटना सचिवालय के सात शहीद; शहीद स्मारक; हजारीबाग से निकलने के बाद जेपी की भूमिगत भूमिका।
व्यक्ति और स्थान
नाम/स्थान
सही संबंध
राजेंद्र प्रसाद
बिहार के नमक सत्याग्रह का नेतृत्व; 1920 भागलपुर प्रांतीय सम्मेलन की अध्यक्षता।
बिहार विद्यापीठ
असहयोग आंदोलन में स्थापित; नेशनल कॉलेज व बिहार विद्यापीठ की आधारशिला गांधी ने रखी।
सारण
6 अप्रैल 1930 से नमक सत्याग्रह; कई नमक-निर्माण केंद्र बने।
चंपारण
सारण के साथ नमक सत्याग्रह शुरू करने वाले बिहार के शुरुआती जिलों में।
दीप नारायण सिंह
1930 में राजेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद नेतृत्व-कार्य संभाला।
पटना सचिवालय
अगस्त 1942 के सात विद्यार्थी शहीदों से संबंधित।
जयप्रकाश नारायण
1942 के प्रमुख भूमिगत नेता; सारण के सिताब दियारा में जन्म।