बिहार के स्वतंत्रता-संग्राम व्यक्तित्व: राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह, श्रीकृष्ण सिंह, जयप्रकाश नारायण और अन्य
BPSC प्रारंभिक परीक्षा की मांग
प्रश्न प्रायः एक सटीक संबंध पूछते हैं: व्यक्ति–आंदोलन, व्यक्ति–संस्था, व्यक्ति–पद या व्यक्ति–स्थान। स्वतंत्रता-संग्राम की भूमिका और बाद के संवैधानिक या राज्य-सरकार पद को अलग रखें। हर बिहार नेता को हर आंदोलन से जुड़ा हुआ न लिखें।
कार्य-यात्रा
मुख्य व्यक्तित्व
व्यक्ति
स्वतंत्रता-संग्राम संबंध
बाद का/मुख्य पद या संस्था
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
चंपारण स्वयंसेवक; असहयोग; बिहार नमक सत्याग्रह।
1946 में संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष; 1950–62 भारत के प्रथम राष्ट्रपति; सदाकत आश्रम से संबंध।
डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह
चंपारण स्वयंसेवक; सविनय अवज्ञा; 1942 में गिरफ्तारी।
बिहार विभूति; बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री।
श्रीकृष्ण सिंह
राष्ट्रीय आंदोलन में भाग; 1937 में बिहार की पहली उत्तरदायी सरकार का नेतृत्व।
बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री; बिहार केसरी।
जयप्रकाश नारायण (जेपी)
असहयोग में भाग; भारत छोड़ो की भूमिगत सक्रियता; आजाद दस्ता का संगठन।
सारण के सिताब दियारा में जन्म; 1942 में हजारीबाग केंद्रीय कारागार से निकले।
मजहरुल हक
होम रूल व असहयोग नेता; चंपारण का समर्थन।
सदाकत आश्रम के संस्थापक; बांकीपुर होम रूल बैठक के अध्यक्ष।
ब्रजकिशोर प्रसाद
चंपारण और असहयोग से जुड़े गांधीवादी वकील।
प्रभावती देवी के पिता; प्रभावती देवी ने सविनय अवज्ञा व भारत छोड़ो में भाग लिया।
एक-पंक्ति तुलना
भ्रम न करें
सही अंतर
राजेंद्र प्रसाद / श्रीकृष्ण सिंह
राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति; श्रीकृष्ण सिंह बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री।
अनुग्रह नारायण सिंह / राजेंद्र प्रसाद
अनुग्रह: बिहार विभूति, उपमुख्यमंत्री और वित्त; राजेंद्र: संविधान सभा अध्यक्ष और प्रथम राष्ट्रपति।
जेपी / मजहरुल हक
जेपी: 1942 भूमिगत कार्य और आजाद दस्ता; मजहरुल: सदाकत आश्रम और बांकीपुर होम रूल।
चंपारण स्वयंसेवक
राजेंद्र प्रसाद व अनुग्रह नारायण सिंह प्रमुख वकील-स्वयंसेवकों में थे; गांधी को पहले बुलाने वाले राजकुमार शुक्ल थे।