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वित्त, राजकोषीय संघवाद और संवैधानिक अनुदान

75 min read · Updated 5 Oct 2026

1. बीपीएससी की माँग

चार मानचित्र याद करें: तीन सार्वजनिक निधियाँ; कर-वितरण; वित्त आयोग; अनुदान और उधार। प्रतिशत और राशि बदलते हैं, संवैधानिक नियम पहले पढ़ें। अनुच्छेद 280 के संघ वित्त आयोग को अनुच्छेद 243-I के राज्य वित्त आयोग से न मिलाएँ।

2. प्रमुख अनुच्छेद

265–267विधि का प्राधिकार; संचित निधि, लोक लेखा, आकस्मिकता निधि।
268–271कर आरोपण/संग्रह/वितरण, अंतरराज्यीय जीएसटी, अधिभार।
275/282संवैधानिक सहायतानुदान/व्यापक लोक-प्रयोजन अनुदान।
279/280–281निवल आगम और वित्त आयोग।
279Aजीएसटी परिषद।
292–293संघ/राज्य उधार।
243-I/243-Yस्थानीय निकायों हेतु राज्य वित्त आयोग।

3. राज्य की तीन निधियाँ

निधिअंतर्वस्तुनिकासी
राज्य संचित निधि, 266(1)समस्त राजस्व, उठाए ऋण, दिए ऋण की वापसी।संविधानानुसार विधि/विनियोग से।
लोक लेखा, 266(2)अन्य सार्वजनिक धन—भविष्य निधि, जमा, आरक्षित निधि।सरकार न्यासी/बैंकर; संचित निधि जैसा विनियोग नहीं।
आकस्मिकता निधि, 267(2)राज्य विधि से अग्रदाय।अनपेक्षित व्यय हेतु राज्यपाल के अधीन; बाद में विधानमंडलीय स्वीकृति और पुनर्भरण।

4. कर-वितरण

268संघ आरोपित, राज्य संगृहीत और विनियोजित निर्दिष्ट शुल्क।
269संघ द्वारा आरोपित-संगृहीत निर्दिष्ट अंतरराज्यीय कर, राज्यों को सौंपे।
269Aअंतरराज्यीय जीएसटी संघ संगृहीत कर संघ-राज्य में बाँटता; आयात अंतरराज्यीय आपूर्ति माना जाता है।
270स्पष्ट अपवादों को छोड़कर संघ करों का विभाज्य पूल; ऊर्ध्वाधर संघ-राज्य और क्षैतिज राज्य-राज्य वितरण।
271संसद का संघ-प्रयोजन अधिभार; आगम संघ को, अनुच्छेद 246A जीएसटी अपवाद।

5. वित्त आयोग—अनुच्छेद 280

गठनराष्ट्रपति हर पाँचवें वर्ष या पहले; अध्यक्ष और चार सदस्य।
करविभाज्य निवल आगम का संघ-राज्य और राज्यों के बीच बँटवारा सुझाता है।
अनुदानअनुच्छेद 275 सहायतानुदान सिद्धांत।
स्थानीय निकायराज्य आयोग की सिफारिश के आधार पर पंचायत/नगरपालिका हेतु राज्य संचित निधि बढ़ाने के उपाय।
अन्यसुदृढ़ वित्त हेतु राष्ट्रपति द्वारा भेजा विषय।
प्रतिवेदनअनुच्छेद 281 में राष्ट्रपति दोनों संसदीय सदनों में कार्रवाई-ज्ञापन सहित रखता है।

6. अनुच्छेद 275 और 282

275282
सहायता की आवश्यकता वाले राज्यों हेतु भारत की संचित निधि से संवैधानिक अनुदान; वित्त आयोग सिद्धांत सुझाता; जनजातीय/अनुसूचित क्षेत्र प्रावधान भी।संघ या राज्य किसी लोक प्रयोजन के लिए अनुदान दे सकता है, भले वह उसके विधायी क्षेत्र से बाहर हो।

7. जीएसटी परिषद बनाम वित्त आयोग

279A परिषद280 आयोग
संघ वित्त मंत्री अध्यक्ष; संघ-राज्य मंत्री; जीएसटी दर/छूट/नियम पर सिफारिश।राष्ट्रपति नियुक्त अध्यक्ष+4; कर-वितरण और अनुदान।
स्थायी मंच; गणपूर्ति आधी; निर्णय तीन-चौथाई भारित मत—संघ 1/3, राज्य मिलकर 2/3।हर पाँच वर्ष/पहले; अपनी प्रक्रिया, 279A वाला भारित मत नहीं।

8. राज्य वित्त आयोग

आधार243-I; नगरपालिकाओं हेतु 243-Y।
गठनराज्यपाल हर पाँचवें वर्ष।
कार्यराज्य-स्थानीय कर बँटवारा, कर-सौंपना, अनुदान और पंचायत/नगरपालिका वित्त सुधार।
प्रतिवेदनराज्यपाल कार्रवाई-ज्ञापन सहित राज्य विधानमंडल में रखता है।

9. उधार और सुरक्षा

292संसद-निर्धारित सीमा में भारत की संचित निधि की सुरक्षा पर संघ उधार/गारंटी।
293(1)राज्य केवल भारत के भीतर, राज्य संचित निधि की सुरक्षा और विधानमंडलीय सीमा में उधार।
293(3)-(4)संघ ऋण/गारंटी बकाया हो तो संघ की सहमति; शर्तें लग सकती हैं।

11. बिहार विशेष

निधियाँबिहार के सरकारी लेखे संचित निधि, आकस्मिकता निधि और लोक लेखा में संगठित हैं।
अंतरणबिहार को विभाज्य कर हिस्सा और अनुदान मिलते हैं; वर्तमान राशि नए आयोग प्रतिवेदन/बजट से जाँचें।
स्थानीय निकायबिहार राज्य वित्त आयोग पंचायत-नगरपालिका संसाधन समीक्षा का आधार है।
उधारअनुच्छेद 293 और लागू राजकोषीय उत्तरदायित्व विधि; वार्षिक सीमा वर्तमान विषय।

12. समयरेखा

14. आधिकारिक पूर्व-प्रश्न

पूर्ण आधिकारिक शब्द/विकल्प सत्यापित न होने से नीचे मौलिक बीपीएससी-शैली प्रश्न हैं।

16. बीपीएससी-शैली: ठीक 20 प्रश्न