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बिहार का स्थानीय शासन और राज्य निर्वाचन आयोग

125 min read · Updated 5 Oct 2026

1. BPSC की माँग: संविधान, बिहार कानून और स्थानीय पद को जोड़ें

महत्त्वपूर्ण प्रश्न पूछते हैं—स्थानीय चुनाव कौन कराता है, कौन-से ग्रामीण पद सीधे चुने जाते हैं, क्या ग्राम कचहरी संवैधानिक स्तर है, पंचायत मतदाता सूची कैसे बनती है, वार्ड का परिसीमन कौन करता है, आरक्षण और चक्रानुक्रम कैसे चलते हैं तथा 2022 में बिहार नगर चुनाव में क्या बदला।

तीन परतें याद रखें: संविधान दर्जा और सुरक्षा देता है → राज्य कानून संस्था और पद बनाता है → राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया की देखरेख करता है। कोई संस्था संवैधानिक सुरक्षा पा सकती है, जबकि उसके कई संचालन-विवरण बिहार के कानून से आते हैं।

2. वैधानिक कालक्रम

तिथि/वर्षविकास
24 अप्रैल 199373वें संशोधन के बाद भाग IX लागू हुआ और पंचायतों को संवैधानिक दर्जा मिला।
1 जून 199374वें संशोधन के बाद भाग IXA लागू हुआ और नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा मिला।
30 मार्च 1994राज्य की अधिसूचना से बिहार राज्य निर्वाचन आयोग गठित हुआ।
2006बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 ने 1993 के राज्य अधिनियम का स्थान लिया; बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली, 2006 चुनाव प्रक्रिया देती है।
2007बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 और बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2007 ने समेकित शहरी ढाँचा बनाया।
2 अप्रैल 2022नगरपालिका संशोधन से मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद का चुनाव मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष कर दिया गया।
2026आयोग वर्तमान अधिसूचनाओं के अंतर्गत अगले स्थानीय चुनाव-चक्र पर कार्य कर रहा है; बदलती समय-सारणी और आरक्षण-सूची अलग से जाँचें।

3. भाग IX और भाग IXA की तुलना

पक्षपंचायतेंनगरपालिकाएँ
संवैधानिक भागभाग IX, अनुच्छेद 243–243Oभाग IXA, अनुच्छेद 243P–243ZG
विषय-सूचीग्यारहवीं अनुसूची: 29 विषयबारहवीं अनुसूची: 18 विषय
चुनाव देखरेखअनुच्छेद 243Kअनुच्छेद 243ZA आयोग का नियंत्रण लागू करता है
वित्त समीक्षाअनुच्छेद 243I में राज्य वित्त आयोगअनुच्छेद 243Y उसी वित्त आयोग की समीक्षा नगरपालिकाओं तक बढ़ाता है
अवधिअनुच्छेद 243E: सामान्यतः पाँच वर्षअनुच्छेद 243U: सामान्यतः पाँच वर्ष
चुनौतीअनुच्छेद 243O: निर्वाचन याचिका का मार्गअनुच्छेद 243ZG: निर्वाचन याचिका का मार्ग

4. राज्य निर्वाचन आयोग: संवैधानिक स्वतंत्रता

विशेषतासत्यापित नियम
दर्जासंवैधानिक निकाय; भारत निर्वाचन आयोग या बिहार सरकार का विभाग नहीं।
बिहार में संरचनाकेवल राज्य निर्वाचन आयुक्त वाला एक-सदस्यीय निकाय।
नियुक्तिअनुच्छेद 243K के अंतर्गत राज्यपाल राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त करता है।
मूल शक्तिपंचायत चुनावों की मतदाता सूची और संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण; अनुच्छेद 243ZA इसे नगरपालिकाओं तक बढ़ाता है।
हटाने की सुरक्षाराज्य निर्वाचन आयुक्त को उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जैसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को।
सेवा-सुरक्षानियुक्ति के बाद सेवा-शर्तों में आयुक्त के प्रतिकूल परिवर्तन नहीं हो सकता।
कर्मचारीअनुच्छेद 243K(3) के अनुसार माँग पर राज्यपाल आवश्यक कर्मचारी उपलब्ध कराता है।

5. भारत निर्वाचन आयोग और बिहार राज्य निर्वाचन आयोग

पक्षभारत निर्वाचन आयोगबिहार राज्य निर्वाचन आयोग
मुख्य अनुच्छेद324243K और 243ZA
चुनावसंवैधानिक/वैधानिक ढाँचे में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, संसद और राज्य विधानमंडल चुनाव।बिहार में पंचायत, ग्राम कचहरी और नगरपालिका चुनाव।
नियुक्तिभारत निर्वाचन आयोग के लिए संवैधानिक और संसदीय-कानून ढाँचा।राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
मतदाता सूची संबंधविधान सभा सूची भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े चुनाव-कानून ढाँचे में रखी जाती है।बिहार कानून और आयोग की देखरेख में विधान सभा सूची को बाँटकर/अनुकूलित कर स्थानीय सूची बनती है।

7. मतदाता सूची: विधान सभा सूची आधार है, अंतिम स्थानीय सूची नहीं

चरणक्या होता है?
आधार सूचीसंबंधित क्षेत्र में उस समय लागू विधान सभा मतदाता सूची ली जाती है।
प्रादेशिक विभाजनजिला निर्वाचन पदाधिकारी संबंधित विधान सभा सूची को बाँटकर वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्रवार स्थानीय सूची बनाता है।
देखरेखप्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन, नियंत्रण और अधीक्षण में चलती है।
पात्रतास्थानीय मतदान संबंधित स्थानीय निर्वाचन क्षेत्र में नाम दर्ज होने पर निर्भर है, केवल मतदान-दिन निवास का दावा पर्याप्त नहीं।
सुधारदावा, आपत्ति और प्रकाशन लागू अधिनियम, नियम और आयोगीय कार्यक्रम के अनुसार होते हैं।

8. बिहार पंचायत चुनाव के परिसीमन मानक

क्षेत्रलगभग जनसंख्या मानकप्राधिकारी/प्रक्रिया
ग्राम पंचायत क्षेत्रलगभग 7,000बिहार अधिनियम के अंतर्गत राज्य अधिसूचना और वैधानिक समायोजन।
ग्राम पंचायत वार्ड/पंच निर्वाचन क्षेत्रलगभग 500निर्वाचन नियमों के अंतर्गत जिला दंडाधिकारी और आयोग की देखरेख।
पंचायत समिति प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रलगभग 5,000आयोग की देखरेख में जिला दंडाधिकारी; ग्राम पंचायत वार्ड नहीं टूटना चाहिए।
जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रलगभग 50,000राज्य ढाँचे और आयोगीय नियंत्रण में परिसीमन।

9. बिहार की ग्रामीण संस्थाएँ और निर्वाचित पद

संस्थाप्रादेशिक स्तरराजनीतिक प्रमुखस्वरूप
ग्राम सभाग्राम पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताराज्य कानून के अंतर्गत सामान्यतः मुखिया अध्यक्षता करता हैभागीदारी संस्था, निर्वाचित कार्यकारी समिति नहीं।
ग्राम पंचायतअधिसूचित पंचायत क्षेत्र के गाँव/सटे गाँवमुखियाग्राम स्तर का ग्रामीण स्थानीय शासन।
ग्राम कचहरीप्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्रसरपंचबिहार कानून से बनी स्थानीय न्याय/समझौता संस्था, चौथा पंचायत स्तर नहीं।
पंचायत समितिप्रखंड का ग्रामीण क्षेत्रप्रमुखसमन्वय और विकास का मध्यवर्ती स्तर।
जिला परिषदजिले का ग्रामीण क्षेत्रअध्यक्षजिला स्तर की पंचायत संस्था।

10. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष ग्रामीण चुनाव

मतदाताओं द्वारा सीधे निर्वाचितनिर्वाचित सदस्यों में से अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित
ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यउपमुखिया
मुखियाउपसरपंच
ग्राम कचहरी पंचपंचायत समिति के प्रमुख और उपप्रमुख
सरपंचजिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
पंचायत समिति प्रादेशिक सदस्य—
जिला परिषद प्रादेशिक सदस्य—

11. ग्राम सभा: जमीनी उत्तरदायित्व

पक्षबिहार का नियम
सदस्यताग्राम पंचायत क्षेत्र से संबंधित मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति।
बैठक की आवृत्तिसमय-समय पर बैठक, पर दो बैठकों के बीच तीन महीने से अधिक अंतर नहीं।
साधारण गणपूर्तिमूल अधिनियम के पाठ में कुल सदस्यों का बीसवाँ भाग; गणपूर्ति न होने पर स्थगित बैठक के नियम लागू।
कार्यलेखे, योजना और प्रतिवेदन पर चर्चा; कानून के अनुसार सामुदायिक भागीदारी, जाँच और लाभार्थी संबंधी कार्य।
सतर्कता समितिऐसे व्यक्तियों की हो सकती है जो ग्राम पंचायत सदस्य न हों, जिससे कार्य और योजनाओं की स्वतंत्र स्थानीय जाँच हो।

12. ग्राम कचहरी: पद और सीमाएँ

तत्त्वबिहार कानून में स्थिति
संरचनासरपंच और निर्वाचित पंच; उपसरपंच पंचों में से अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है।
सहायताग्राम कचहरी सचिव प्रशासनिक सहायता और न्याय मित्र निर्धारित विधिक सहायता देता है।
पहला प्रयासपीठ को पहले न्यायपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समझौता कराने का प्रयास करना चाहिए।
अधिकार क्षेत्रकेवल राज्य कानून से दिए विषयों में सीमित दीवानी/फौजदारी अधिकार; असीमित अधिकार वाला नियमित न्यायालय नहीं।
आधिकारिक मूल पाठ में दंडधारा 107 अधिकतम ₹1,000 जुर्माना देती और कारावास रोकती है।
वर्तमान कानून सावधानीपुराने अधिनियम-पाठ में 2024 से पहले की दंड-संहिता धाराएँ हैं; वर्तमान समतुल्यता को संशोधन/अधिसूचना से जाँचें।

13. बिहार पंचायतों में आरक्षण और चक्रानुक्रम

श्रेणीरचना
अनुसूचित जाति/जनजातिसंबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात में, वैधानिक योजना के अधीन सीटें आरक्षित।
पिछड़ा वर्गअनुसूचित जाति/जनजाति आवंटन के बाद अधिकतम 20%, जबकि इन तीनों का कुल वैधानिक आरक्षण 50% की सीमा के भीतर।
महिलाएँबिहार अधिनियम में कुल आवंटन यथासंभव किंतु 50% से अधिक नहीं; इसमें आरक्षित श्रेणी की महिलाएँ भी शामिल।
प्रमुख पदराज्य सूत्र के अनुसार निर्धारित अध्यक्षीय पदों पर भी आरक्षण लागू।
चक्रानुक्रमआरक्षित निर्वाचन क्षेत्र/पद कानून और आयोग की देखरेख वाली अधिसूचना के अनुसार घूमते हैं; सही सूची चुनाव-विशेष होती है।

14. अवधि, विघटन और समय पर चुनाव

नियमसंवैधानिक प्रभाव
सामान्य अवधिपहली बैठक से पाँच वर्ष, यदि कानून के अनुसार पहले विघटित न हो।
अवधि समाप्ति से पहलेसामान्य अवधि पूरी होने से पहले चुनाव समाप्त होना चाहिए।
विघटन के बादसामान्यतः छह महीने के भीतर चुनाव पूरा होना चाहिए।
छोटी शेष अवधियदि बची अवधि छह महीने से कम हो तो उस छोटी अवधि के लिए चुनाव संवैधानिक रूप से आवश्यक नहीं।
पुनर्गठित निकायनए पाँच वर्ष नहीं, केवल पुराने निकाय की बची हुई अवधि पूरी करता है।

15. बिहार के शहरी स्थानीय निकाय

निकायअनुच्छेद 243Q का क्षेत्र-प्रकारबिहार का सामान्य वैधानिक जनसंख्या मार्ग
नगर पंचायतग्रामीण से शहरी में बदलता संक्रमणशील क्षेत्रलगभग 12,000–40,000, वैधानिक शर्तों/अपवादों के अधीन।
नगर परिषदछोटा शहरी क्षेत्रलगभग 40,000 से 2 लाख से कम, वैधानिक शर्तों के अधीन।
नगर निगमबड़ा शहरी क्षेत्रलगभग 2 लाख या अधिक, वैधानिक शर्तों के अधीन।

16. 2022 संशोधन के बाद बिहार नगरपालिका पद

पदचुनाव/नियुक्तिकार्य
वार्ड पार्षदवार्ड मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचित।वार्ड का प्रतिनिधित्व और नगरपालिका विचार-विमर्श।
मुख्य पार्षद/महापौर2022 के परिवर्तन के बाद मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचित।अधिनियम के अंतर्गत राजनीतिक प्रमुख/पीठासीन पद।
उप मुख्य पार्षद/उपमहापौर2022 के परिवर्तन के बाद मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचित।अधिनियम के अंतर्गत उप राजनीतिक पद।
नगर आयुक्तराज्य कानून के अंतर्गत नगर निगम का प्रशासनिक पद।निगम का मुख्य नगरपालिका प्रशासनिक अधिकारी।
नगर कार्यपालक पदाधिकारीनगर परिषद/नगर पंचायत का प्रशासनिक पद।इन निकायों का मुख्य नगरपालिका प्रशासनिक अधिकारी।

17. नगरपालिका चुनाव और प्रतिनिधित्व

पक्षनियम
वार्ड चुनावप्रादेशिक सीटें प्रत्यक्ष चुनाव से भरी जाती हैं।
आयोग नियंत्रणअनुच्छेद 243ZA और बिहार नगरपालिका कानून मतदाता सूची और चुनाव संचालन आयोग के अधीन रखते हैं।
आरक्षणअनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिला आरक्षण बिहार के वैधानिक सूत्र तथा चक्रानुक्रम से।
वार्ड समितियाँअनुच्छेद 243S तीन लाख या अधिक आबादी वाली नगरपालिका में आवश्यक करता है; राज्य कानून संरचना और क्षेत्र बताता है।
जिला योजना समितिअनुच्छेद 243ZD पंचायत और नगरपालिका योजनाएँ समेकित करता है; कम-से-कम चार-पाँचवाँ सदस्य जिले के निर्वाचित पंचायत/नगरपालिका सदस्यों द्वारा अपने बीच से ग्रामीण–शहरी जनसंख्या अनुपात में चुना जाता है।

19. न्यायालयीय रोक और निर्वाचन याचिका

प्रावधानअर्थ
अनुच्छेद 243O(a)पंचायत परिसीमन या सीट आवंटन संबंधी कानून की वैधता को अनुच्छेद द्वारा रोके गए ढंग से न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकता।
अनुच्छेद 243O(b)पंचायत चुनाव को केवल राज्य कानून में निर्धारित निर्वाचन याचिका से चुनौती दी जाती है।
अनुच्छेद 243ZGनगरपालिकाओं के लिए समान संवैधानिक रोक और निर्वाचन-याचिका नियम।
उद्देश्यचुनाव शुरू होने पर सामान्य मुकदमों से बार-बार व्यवधान रोकना, पर चुनाव बाद विशेष उपाय बनाए रखना।

20. स्थानीय स्वशासन और राज्य का क्षेत्रीय प्रशासन

निर्वाचित स्थानीय संस्थाराज्य का क्षेत्रीय प्रशासन
स्थानीय चुनाव से निवासियों का प्रतिनिधित्व।नियुक्त अधिकारियों द्वारा राज्य कार्यपालिका का प्रतिनिधित्व।
दिए गए स्थानीय कार्य, योजना और बजट पर विचार।राज्य कानून, राजस्व, समन्वय और नियामक काम का प्रशासन।
मुखिया, प्रमुख, अध्यक्ष, महापौर/मुख्य पार्षद राजनीतिक स्थानीय पद।जिला दंडाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और नगरपालिका प्रशासनिक अधिकारी कार्यकारी पद।
स्वायत्तता कानून से मिले कार्य, धन और कर्मचारियों पर निर्भर।देखरेख, तकनीकी सहायता और वैधानिक समन्वय देता है, पर स्थानीय निकाय का संवैधानिक क्षेत्र समाप्त नहीं करना चाहिए।

25. BPSC-शैली अभ्यास: ठीक 20 बहुविकल्पीय प्रश्न