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प्राचीन भारतीय दर्शन और धार्मिक परंपराएँ

8 min read · Updated 15 Sep 2026

प्राचीन भारतीय दर्शन और धार्मिक परंपराएँ

BPSC की मांग

सटीक दर्शन–आचार्य–मुख्य विचार और स्थल–घटना–परंपरा युग्मों पर ध्यान दें। किसी परंपरा को आधुनिक लेबल में जबरन न बाँधें। प्रारंभिक परीक्षा में आस्तिक–नास्तिक, आचार्य की पहचान और बिहार की बौद्ध/जैन पवित्र-भूगोल प्रमुख भ्रम-क्षेत्र हैं।

दर्शन एक नज़र में

दर्शनपरंपरागत संबंध / संकेत
न्यायगौतम; तर्क और प्रमाण।
वैशेषिककणाद; पदार्थों के वर्ग और परमाणुवाद।
सांख्यकपिल; पुरुष और प्रकृति।
योगपतंजलि; अनुशासित मार्ग और अष्टांग।
मीमांसाजैमिनि; वैदिक कर्मकांड की व्याख्या।
वेदांतबादरायण और ब्रह्मसूत्र परंपरा।

नास्तिक परंपराएँ

परंपरासुरक्षित संकेत
बौद्ध धर्मचार आर्य सत्य और आर्य अष्टांगिक मार्ग; बुद्ध को बोधगया में ज्ञान प्राप्त हुआ।
जैन धर्ममहावीर 24वें तीर्थंकर; अहिंसा केंद्रीय सिद्धांत।
चार्वाक/लोकायतभौतिकवादी परंपरा; प्रत्यक्ष प्रमाण को विशेष महत्व।
आजीवकमक्खलि गोसाल; नियति का सिद्धांत।

20 अभ्यास प्रश्न