प्राचीन भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, गणित और चिकित्सा
BPSC की मांग
प्रश्न प्रायः विद्वान–ग्रंथ–विषय के सटीक युग्म पर होते हैं, “विश्व में सबसे पहले” जैसे अस्पष्ट दावों पर नहीं। आर्यभट–आर्यभटीय–खगोल/गणित; ब्रह्मगुप्त–ब्रह्मस्फुटसिद्धांत–शून्य के नियम; चरक–चिकित्सा; सुश्रुत–शल्य-चिकित्सा को ठीक से याद रखें।
मुख्य युग्म
व्यक्ति/ग्रंथ
सुरक्षित तथ्य
आर्यभट / आर्यभटीय
खगोल और गणित; पृथ्वी के घूर्णन से आकाशीय पिंडों की प्रत्यक्ष दैनिक गति की व्याख्या।
ब्रह्मगुप्त / ब्रह्मस्फुटसिद्धांत
शून्य और ऋण संख्याओं के साथ गणितीय नियम; रचना-वर्ष 628 ईस्वी।
वराहमिहिर / पंचसिद्धांतिका
पाँच खगोलीय प्रणालियों पर चर्चा करने वाला संकलन।
वराहमिहिर / बृहत्संहिता
खगोल तथा अन्य विषयों का विश्वकोशीय ग्रंथ।
चरक संहिता
आयुर्वेदिक चिकित्सा।
सुश्रुत संहिता
शल्य-चिकित्सा की शास्त्रीय परंपरा।
स्मरण-क्रम
भ्रम से बचें
युग्म
सही अंतर
चरक / सुश्रुत
चरक चिकित्सा से, सुश्रुत शल्य-चिकित्सा से जुड़े हैं।
आर्यभट / ब्रह्मगुप्त
आर्यभटीय / ब्रह्मस्फुटसिद्धांत।
पंचसिद्धांतिका / बृहत्संहिता
दोनों वराहमिहिर की; पहली में पाँच खगोलीय प्रणालियाँ हैं।