प्राचीन भारत के मानचित्र: स्थल, राजधानियाँ, व्यापार-मार्ग और अभिलेख
BPSC की मांग
मानचित्र-प्रश्नों में स्थल–राज्य/नदी–वर्तमान क्षेत्र के सटीक संबंध अंक दिलाते हैं। पहले बिहार के स्थल, फिर उत्तर-पश्चिम, पश्चिमी तट, दक्कन और पूर्वी तट रखें। केवल किसी वंश के आधार पर स्थल की पहचान न करें, जब तक प्रमाण स्पष्ट न हो।
मुख्य मानचित्र-युग्म
स्थल
सुरक्षित स्थान-संकेत
हड़प्पा
रावी नदी; अब पाकिस्तान में।
मोहनजोदड़ो
सिंधु नदी; अब पाकिस्तान में।
लोथल
गुजरात; हड़प्पा की समुद्री व्यापार-पृष्ठभूमि।
धोलावीरा
कच्छ, गुजरात।
कालीबंगा
राजस्थान।
राखीगढ़ी
हरियाणा।
पाटलिपुत्र
मगध/मौर्य राजधानी; वर्तमान पटना क्षेत्र, बिहार।
वैशाली
वज्जि संघ; बिहार।
राजधानियाँ, मार्ग और अभिलेख
विषय
सही संबंध
राजगृह/राजगीर
मगध की आरंभिक राजधानी।
पाटलिपुत्र
मगध की बाद की और मौर्य राजधानी।
उत्तरापथ
उत्तर-पश्चिम और गंगा मैदान को जोड़ने वाला उत्तरी दूरस्थ मार्ग।
गिरनार
गुजरात में अशोक का प्रमुख शिलालेख-स्थल।
कालसी
उत्तराखंड में अशोक का प्रमुख शिलालेख-स्थल।
शाहबाजगढ़ी/मानसेहरा
खरोष्ठी में अशोक के प्रमुख शिलालेख; अब पाकिस्तान में।