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प्राचीन भारत के मानचित्र: स्थल, राजधानियाँ, व्यापार-मार्ग और अभिलेख

8 min read · Updated 15 Sep 2026

प्राचीन भारत के मानचित्र: स्थल, राजधानियाँ, व्यापार-मार्ग और अभिलेख

BPSC की मांग

मानचित्र-प्रश्नों में स्थल–राज्य/नदी–वर्तमान क्षेत्र के सटीक संबंध अंक दिलाते हैं। पहले बिहार के स्थल, फिर उत्तर-पश्चिम, पश्चिमी तट, दक्कन और पूर्वी तट रखें। केवल किसी वंश के आधार पर स्थल की पहचान न करें, जब तक प्रमाण स्पष्ट न हो।

मुख्य मानचित्र-युग्म

स्थलसुरक्षित स्थान-संकेत
हड़प्पारावी नदी; अब पाकिस्तान में।
मोहनजोदड़ोसिंधु नदी; अब पाकिस्तान में।
लोथलगुजरात; हड़प्पा की समुद्री व्यापार-पृष्ठभूमि।
धोलावीराकच्छ, गुजरात।
कालीबंगाराजस्थान।
राखीगढ़ीहरियाणा।
पाटलिपुत्रमगध/मौर्य राजधानी; वर्तमान पटना क्षेत्र, बिहार।
वैशालीवज्जि संघ; बिहार।

राजधानियाँ, मार्ग और अभिलेख

विषयसही संबंध
राजगृह/राजगीरमगध की आरंभिक राजधानी।
पाटलिपुत्रमगध की बाद की और मौर्य राजधानी।
उत्तरापथउत्तर-पश्चिम और गंगा मैदान को जोड़ने वाला उत्तरी दूरस्थ मार्ग।
गिरनारगुजरात में अशोक का प्रमुख शिलालेख-स्थल।
कालसीउत्तराखंड में अशोक का प्रमुख शिलालेख-स्थल।
शाहबाजगढ़ी/मानसेहराखरोष्ठी में अशोक के प्रमुख शिलालेख; अब पाकिस्तान में।

मार्ग-स्मरण

20 अभ्यास प्रश्न