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संविधान के अधीन नगरपालिका शासन

85 min read · Updated 5 Oct 2026

1. बीपीएससी में क्या पढ़ना है

अनुच्छेद 243P से 243ZG का सही क्रम; नगरपालिकाओं के तीन प्रकार; वार्डों से प्रत्यक्ष निर्वाचन; वार्ड समितियाँ; आरक्षण; पाँच वर्ष का कार्यकाल; नगर वित्त; राज्य निर्वाचन आयोग; जिला तथा महानगर योजना समितियाँ; और बारहवीं अनुसूची के सभी 18 विषय तैयार करें। बीपीएससी-स्तर के प्रश्न प्रायः निकट दिखने वाले तथ्यों में अंतर पूछते हैं—एक-तिहाई बनाम आधा, तीन लाख बनाम दस लाख, चार-पाँचवाँ बनाम दो-तिहाई, अनिवार्य संस्था बनाम समर्थकारी शक्ति, और नगरपालिका बनाम महानगर क्षेत्र।

इस अध्याय का मूल सूत्र नगरीय लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण है: प्रतिनिधित्व + कार्य + वित्त + योजना + जवाबदेही। संवैधानिक दर्जा नियमित लोकतंत्र की रक्षा करता है, पर उपयोगी नगरपालिका के लिए कर्मचारी, आय, प्रशासनिक क्षमता और राज्य कानून द्वारा वास्तविक शक्ति-हस्तांतरण भी चाहिए।

2. संवैधानिक यात्रा और तिथियाँ

3. 74वें संशोधन ने क्या जोड़ा

परिवर्तनपरीक्षा में अर्थ
भाग IXकअनुच्छेद 243P से 243ZG; शीर्षक—“नगरपालिकाएँ”।
बारहवीं अनुसूचीअनुच्छेद 243W से जुड़े 18 नगरीय विषय।
अनुच्छेद 280(3)(c)संघ वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर, नगरपालिकाओं के साधन बढ़ाने के लिए राज्यों की संचित निधि में वृद्धि के उपाय सुझाता है।
लोकतांत्रिक न्यूनतम आधारप्रत्यक्ष निर्वाचित वार्ड, आरक्षण, पाँच वर्ष की अवधि, समय पर चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग और वित्त आयोग की समीक्षा को संवैधानिक सुरक्षा मिली।
समेकित योजनाजिला योजना समिति और महानगर योजना समिति ग्रामीण तथा नगरीय सीमाओं के पार स्थानीय योजनाओं को जोड़ती हैं।

4. अनुच्छेद मानचित्र: 243P से 243ZG

अनुच्छेदविषय
243Pपरिभाषाएँ
243Qनगरपालिकाओं का गठन और प्रकार
243Rनगरपालिकाओं की संरचना
243Sवार्ड समितियाँ और अन्य समितियाँ
243Tसीटों और अध्यक्ष पदों का आरक्षण
243Uअवधि और विघटन के बाद चुनाव
243Vसदस्यता की निरर्हताएँ
243Wशक्तियाँ, प्राधिकार और उत्तरदायित्व
243Xनगरपालिका कर और निधियाँ
243Yवित्त आयोग द्वारा समीक्षा
243Zलेखा और लेखापरीक्षा
243ZAनगरपालिका चुनाव
243ZBकेंद्रशासित प्रदेशों पर लागू होना
243ZCकुछ क्षेत्रों पर स्वतः लागू न होना
243ZDजिला योजना समिति
243ZEमहानगर योजना समिति
243ZFपुराने कानूनों और नगरपालिकाओं का संक्रमण
243ZGनिर्वाचन मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप का निषेध

5. नगरपालिकाओं के तीन संवैधानिक प्रकार

अनुच्छेद 243Q की संस्थाकिस क्षेत्र के लिएसामान्य स्थिति
नगर पंचायत, चाहे किसी भी नाम से कहलाएसंक्रमणशील क्षेत्रग्रामीण से नगरीय रूप की ओर बढ़ता क्षेत्र
नगर परिषदलघुतर नगरीय क्षेत्रस्थापित कस्बा या मध्यम नगरीय बस्ती
नगर निगमवृहत्तर नगरीय क्षेत्रबड़ा और जटिल शहर

6. वे परिभाषाएँ जिनसे प्रश्न बनते हैं

अनुच्छेद 243P का शब्दसंवैधानिक अर्थ
नगरपालिकाअनुच्छेद 243Q के अधीन गठित स्वशासन की संस्था।
नगरपालिका क्षेत्रराज्यपाल द्वारा अधिसूचित नगरपालिका का प्रादेशिक क्षेत्र।
महानगर क्षेत्रदस लाख या अधिक जनसंख्या वाला ऐसा क्षेत्र जो एक या अधिक जिलों में हो, जिसमें दो या अधिक नगरपालिकाएँ या पंचायतें अथवा अन्य सटे क्षेत्र हों और जिसे राज्यपाल अधिसूचना से निर्दिष्ट करे।
जनसंख्याउस पिछली जनगणना की जनसंख्या जिसके संबंधित आँकड़े प्रकाशित हो चुके हों।
समितिअनुच्छेद 243S के अधीन गठित समिति।

7. संरचना, वार्ड और अध्यक्ष

नियमसंवैधानिक स्थिति
प्रादेशिक सीटेंनगरपालिका की सभी सीटें वार्ड कहलाने वाले प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा भरी जाती हैं।
विशेष ज्ञान या अनुभव वाले व्यक्तिराज्य कानून उनका प्रतिनिधित्व करा सकता है, पर उन्हें नगरपालिका की बैठकों में मतदान का अधिकार नहीं होगा।
सांसद और विधायकराज्य कानून उन लोकसभा तथा विधानसभा सदस्यों को प्रतिनिधित्व दे सकता है जिनके निर्वाचन क्षेत्र में नगरपालिका क्षेत्र पूरा या आंशिक रूप से आता हो।
राज्यसभा और विधान परिषद सदस्यनगरपालिका क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत ऐसे सदस्यों को राज्य कानून प्रतिनिधित्व दे सकता है।
समिति अध्यक्षअनुच्छेद 243S(5) के अधीन बनी समितियों के अध्यक्षों को राज्य कानून प्रतिनिधित्व दे सकता है।
नगरपालिका अध्यक्षउसके निर्वाचन की रीति राज्य कानून तय करता है; संविधान पूरे देश के लिए एक समान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीका नहीं थोपता।

8. वार्ड समितियाँ: अनुच्छेद 243S

बिंदुनियम
जनसंख्या सीमातीन लाख या अधिक जनसंख्या वाली नगरपालिका में वार्ड समितियाँ गठित की जाएँगी।
क्षेत्रएक वार्ड समिति में एक या एक से अधिक वार्ड हो सकते हैं।
संरचना और सीट भरने की रीतिराज्य कानून तय करता है।
एक वार्ड वाली समितिउस वार्ड का नगरपालिका सदस्य समिति का अध्यक्ष होगा।
एक से अधिक वार्ड वाली समितिसमिति के क्षेत्र के किसी वार्ड का प्रतिनिधि सदस्य, समिति सदस्यों द्वारा अध्यक्ष चुना जाएगा।
अन्य समितियाँराज्य कानून वार्ड समितियों के अतिरिक्त दूसरी समितियाँ भी बना सकता है।

9. अनुच्छेद 243T के अधीन आरक्षण

वर्गसंवैधानिक न्यूनतम या नियम
अनुसूचित जाति/जनजाति की सीटेंनगरपालिका क्षेत्र की उनकी जनसंख्या के लगभग उसी अनुपात में आरक्षण; सीटों का चक्रानुक्रम हो सकता है।
अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाएँइन वर्गों के लिए आरक्षित सीटों में कम-से-कम एक-तिहाई संबंधित वर्ग की महिलाओं के लिए।
सभी महिलाएँप्रत्यक्ष चुनाव से भरी जाने वाली कुल सीटों में कम-से-कम एक-तिहाई, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं की सीटें भी शामिल हैं; चक्रानुक्रम संभव है।
अध्यक्ष पदअनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए उस रीति से आरक्षित होंगे जो राज्य कानून बताए।
पिछड़े वर्गअनुच्छेद 243T(6) राज्य कानून को सीटों या अध्यक्ष पदों में आरक्षण देने की अनुमति देता है।

10. अवधि, विघटन और योग्यता

विषयअनुच्छेद 243U या 243V का नियम
सामान्य अवधिपहली बैठक के लिए नियत तिथि से पाँच वर्ष, यदि कानून के अधीन पहले विघटित न हो।
विघटन से पहलेनगरपालिका को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देना आवश्यक है।
चुनाव का समयसामान्य अवधि समाप्त होने से पहले चुनाव पूरा हो; समयपूर्व विघटन पर छह महीने के भीतर चुनाव पूरा हो।
अल्प शेष-अवधि अपवादयदि विघटित निकाय की शेष अवधि छह महीने से कम है, तो केवल उस छोटी अवधि के लिए चुनाव कराना आवश्यक नहीं।
नए निकाय की अवधिवह केवल पुरानी नगरपालिका की बची हुई अवधि पूरी करेगा, नया पाँच वर्ष नहीं पाएगा।
आयु सुरक्षा25 वर्ष से कम होने के आधार पर उस व्यक्ति को निरर्ह नहीं किया जा सकता जिसने 21 वर्ष पूरे कर लिए हों।
अन्य निरर्हताएँराज्य विधानमंडल चुनावों पर लागू कानून और अतिरिक्त राज्य कानून; निर्णय का प्राधिकारी तथा प्रक्रिया भी राज्य कानून तय करता है।

11. शक्तियाँ और हस्तांतरण का प्रश्न: अनुच्छेद 243W

राज्य विधानमंडल कानून बनाकर नगरपालिकाओं को स्वशासन की संस्था के रूप में काम करने के लिए आवश्यक शक्तियाँ दे सकता है। इनमें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएँ बनाना तथा सौंपे गए कार्यों और योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल हो सकता है, जिनमें बारहवीं अनुसूची के विषय भी आते हैं। यही प्रावधान समितियों को भी आवश्यक शक्तियाँ देने की अनुमति देता है।

यह समर्थकारी व्यवस्था है। बारहवीं अनुसूची मात्र अपने बल पर हर सूचीबद्ध कार्य, कर्मचारी और धनराशि प्रत्येक नगरपालिका को हस्तांतरित नहीं करती। प्रभावी विकेंद्रीकरण को तीन बातों से याद रखें:

राज्य कानून, धन और कर्मचारियों के बिना केवल संवैधानिक सूची होने पर निर्वाचित निकाय व्यावहारिक रूप से कमजोर रह सकता है।

12. बारहवीं अनुसूची: सभी 18 नगरीय विषय

समूहविषय
योजना और भूमि1. नगर योजना, जिसमें कस्बा योजना भी; 2. भूमि उपयोग और भवन निर्माण का विनियमन; 3. आर्थिक और सामाजिक विकास की योजना।
संपर्क और आपूर्ति4. सड़कें और पुल; 5. घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए जलापूर्ति।
स्वास्थ्य और सुरक्षा6. लोक स्वास्थ्य, स्वच्छता, सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन; 7. अग्निशमन सेवाएँ।
पर्यावरण8. नगरीय वानिकी, पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक पक्षों की उन्नति।
सामाजिक न्याय9. दिव्यांग व्यक्तियों सहित समाज के कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा; 10. मलिन बस्ती सुधार और उन्नयन; 11. नगरीय गरीबी उन्मूलन।
सुविधा और संस्कृति12. उद्यान, बगीचे और खेल मैदान जैसी नगरीय सुविधाएँ; 13. सांस्कृतिक, शैक्षिक और सौंदर्यपरक पक्षों की उन्नति।
सामुदायिक विनियमन14. दफन, कब्रिस्तान, दाह-संस्कार, श्मशान और विद्युत शवदाह गृह; 15. पशु काँजी गृह और पशुओं पर क्रूरता की रोकथाम।
नागरिक अभिलेख और सुविधाएँ16. जन्म-मृत्यु पंजीकरण सहित महत्त्वपूर्ण सांख्यिकी; 17. पथ-प्रकाश, पार्किंग स्थल, बस पड़ाव और सार्वजनिक सुविधाएँ; 18. वधशालाओं और चर्मशोधनशालाओं का विनियमन।

13. नगरपालिका वित्त और जवाबदेही

अनुच्छेदमार्गअर्थ
243Xअपना राजस्वराज्य कानून प्रक्रियाओं और सीमाओं के अधीन नगरपालिका को कर, शुल्क, पथकर और फीस लगाने, वसूलने तथा उपयोग करने का अधिकार दे सकता है।
243Xसौंपा गया राजस्वराज्य द्वारा लगाए और वसूले गए कर, शुल्क, पथकर या फीस नगरपालिका को सौंपे जा सकते हैं।
243Xअनुदान और निधियाँराज्य की संचित निधि से अनुदान और नगरपालिका निधियों की व्यवस्था कानून से हो सकती है।
243Yराज्य वित्त आयोगअनुच्छेद 243-I के अधीन गठित आयोग नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति भी देखता है और बँटवारे, सौंपे गए राजस्व, अनुदान तथा सुधार के उपाय सुझाता है।
243Yविधानमंडलीय जवाबदेहीराज्यपाल सिफारिशों और उन पर की गई कार्रवाई के व्याख्यात्मक ज्ञापन को राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाता है।
243Zलेखा और लेखापरीक्षाराज्य कानून नगरपालिका के लेखों के रख-रखाव और लेखापरीक्षा की व्यवस्था करता है।
280(3)(c)संघ वित्त आयोगराज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर नगरपालिका साधनों की पूर्ति हेतु राज्य की संचित निधि बढ़ाने के उपाय सुझाता है।

14. नगरपालिका चुनाव और न्यायालय संबंधी रोक

प्रावधानप्रभाव
अनुच्छेद 243ZAनगरपालिका मतदाता सूचियों और सभी चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण अनुच्छेद 243K वाले राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है।
राज्य कानूनसंविधान के अधीन रहते हुए राज्य कानून नगरपालिका चुनावों से जुड़े सभी विषय नियंत्रित कर सकता है।
अनुच्छेद 243ZG(a)निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन या सीटों के आवंटन से जुड़े कानून की वैधता न्यायालय में प्रश्नगत नहीं की जा सकती।
अनुच्छेद 243ZG(b)नगरपालिका चुनाव को केवल राज्य कानून में बताई रीति और प्राधिकारी के समक्ष चुनाव याचिका द्वारा चुनौती दी जा सकती है।

15. जिला योजना समिति: अनुच्छेद 243ZD

विशेषतासंवैधानिक नियम
कहाँप्रत्येक राज्य में जिला स्तर पर।
मुख्य कामजिले की पंचायतों और नगरपालिकाओं की योजनाओं को समेकित करके पूरे जिले के लिए विकास योजना का प्रारूप बनाना।
निर्वाचित भागकुल सदस्यों के कम-से-कम चार-पाँचवें सदस्य जिले की जिला-स्तरीय पंचायत और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा, उन्हीं में से चुने जाएँगे।
प्रतिनिधित्व अनुपातजिले की ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या का अनुपात।
योजना के विषयसाझे हित, स्थानिक योजना, जल और अन्य संसाधनों की साझेदारी, समेकित आधारभूत संरचना, पर्यावरण संरक्षण और उपलब्ध साधन।
परामर्शराज्यपाल द्वारा निर्दिष्ट संस्थाओं और संगठनों से।
अंतिम चरणअध्यक्ष अनुशंसित विकास योजना राज्य सरकार को भेजता है।

16. महानगर योजना समिति: अनुच्छेद 243ZE

विशेषतासंवैधानिक नियम
कहाँअनुच्छेद 243P में परिभाषित प्रत्येक महानगर क्षेत्र में।
मुख्य कामपूरे महानगर क्षेत्र के लिए विकास योजना का प्रारूप बनाना।
निर्वाचित भागकम-से-कम दो-तिहाई सदस्य महानगर क्षेत्र की नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और पंचायत अध्यक्षों द्वारा, उन्हीं में से चुने जाएँगे।
प्रतिनिधित्व अनुपातमहानगर क्षेत्र की नगरपालिका और पंचायत जनसंख्या का अनुपात।
अन्य प्रतिनिधित्वराज्य कानून संघ व राज्य सरकार तथा आवश्यक संगठनों या संस्थाओं को प्रतिनिधित्व दे सकता है।
योजना के विषयस्थानीय योजनाएँ, साझे हित, समन्वित स्थानिक योजना, साझा संसाधन, समेकित आधारभूत संरचना, पर्यावरण, संघ/राज्य की प्राथमिकताएँ, निवेश और उपलब्ध साधन।
अंतिम चरणअध्यक्ष अनुशंसित योजना राज्य सरकार को भेजता है।

17. जिला योजना समिति बनाम महानगर योजना समिति

आधारजिला योजना समितिमहानगर योजना समिति
अनुच्छेद243ZD243ZE
क्षेत्रजिलादस लाख या अधिक जनसंख्या वाला अधिसूचित महानगर क्षेत्र
योजनाओं का स्रोतजिले की पंचायतों और नगरपालिकाओं की योजनाएँमहानगर क्षेत्र की नगरपालिकाओं और पंचायतों की योजनाएँ
न्यूनतम निर्वाचित भागचार-पाँचवाँदो-तिहाई
चुनाव का समूहजिला-स्तरीय पंचायत और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यनगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्य और पंचायत अध्यक्ष
बँटवारे का आधारग्रामीण–नगरीय जनसंख्या अनुपातनगरपालिका–पंचायत जनसंख्या अनुपात
परिणामजिला विकास योजना का प्रारूपमहानगर विकास योजना का प्रारूप

18. अपवाद, केंद्रशासित प्रदेश और संक्रमण

अनुच्छेदनियम
243ZBभाग IXक आवश्यक अनुकूलन के साथ केंद्रशासित प्रदेशों पर लागू होता है; राज्यपाल और राज्य विधानमंडल के उल्लेख राष्ट्रपति/प्रशासक तथा जहाँ लागू हो वहाँ संबंधित केंद्रशासित प्रदेश विधानमंडल के अनुसार पढ़े जाते हैं।
243ZCभाग IXक अनुच्छेद 244 में बताए अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों पर स्वतः लागू नहीं होता।
243ZCयह उस समय के कानून के अधीन दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद की शक्तियों और कार्यों को प्रभावित नहीं करता; संसद अपवादों और रूपांतरणों के साथ भाग IXक को बाहर रखे गए क्षेत्रों तक बढ़ा सकती है।
243ZFअसंगत पुराने नगरपालिका कानून संशोधित या निरस्त न होने पर भी प्रारंभ से अधिकतम एक वर्ष तक चल सकते थे; विद्यमान नगरपालिकाएँ अवधि समाप्ति तक बनी रहीं, जब तक निर्धारित संकल्प-रीति से पहले विघटित न हों।

19. बिहार से संबंध

बिंदुबिहार की स्थिति
मुख्य कानूननगरीय स्थानीय निकाय बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007, उसके संशोधनों, नियमों और अधिसूचनाओं के अधीन चलते हैं।
तीन रूपबिहार संवैधानिक ढाँचे में नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम श्रेणियाँ अपनाता है।
वार्ड सीटेंवार्ड पार्षदों का प्रत्यक्ष निर्वाचन होता है।
मुख्य और उप मुख्य पार्षदराज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पृष्ठ के अनुसार 2022 के संशोधन के बाद मतदाता इन दोनों पदों का प्रत्यक्ष निर्वाचन करते हैं; उप मुख्य पार्षद पद पर भी आरक्षण का प्रावधान है।
आरक्षणराज्य निर्वाचन आयोग का विवरण जनसंख्या-आधारित अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षण, राज्य कानून के अधीन पिछड़ा वर्ग प्रावधान और विभिन्न वर्गों में महिला आरक्षण बताता है। ठीक आरक्षण-सूची हर चुनाव की अधिसूचना से जाँची जानी चाहिए।
चुनाव प्राधिकारीराज्य निर्वाचन आयोग, बिहार अनुच्छेद 243ZA और राज्य कानून के अधीन नगरपालिका चुनाव कराता है।

22. आधिकारिक पूर्ववर्ष प्रश्नों की स्थिति

नीचे किसी प्रश्न को आधिकारिक बीपीएससी पूर्ववर्ष प्रश्न नहीं कहा गया है, क्योंकि उसका पूरा कथन और सभी विकल्प आयोग की आधिकारिक प्रश्न-पुस्तिका से सत्यापित नहीं किए गए। ये सत्यापित संवैधानिक पाठ पर आधारित मौलिक बीपीएससी-शैली अभ्यास प्रश्न हैं।

24. बीपीएससी-शैली अभ्यास: ठीक 20 बहुविकल्पीय प्रश्न