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बीपीएससी राजव्यवस्था: संपूर्ण पुनरावृत्ति, अनुच्छेद मानचित्र और मिश्रित अभ्यास

160 min read · Updated 5 Oct 2026

1. बीपीएससी की माँग और तीन चरण की पुनरावृत्ति

प्रारंभिक परीक्षा में सूक्ष्म भेद महत्त्वपूर्ण हैं—राष्ट्रपति/राज्यपाल, धन/वित्त विधेयक, अनुच्छेद 32/226, भारत निर्वाचन आयोग/राज्य निर्वाचन आयोग, संवैधानिक/वैधानिक निकाय, लोक सेवा अधिकार/लोक शिकायत और संघीय प्रावधान/बिहार क्रियान्वयन।

पहले संस्था पहचानें, फिर उसका स्रोत, नियुक्ति, हटाने की विधि, कार्य और नियंत्रण।

3. संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 1–51A

समूहअनुच्छेदमुख्य नियम
संघ और भू-भाग1–4भारत राज्यों का संघ; संसद राज्य स्वीकार, स्थापित, बना या सीमा बदल सकती है। अनुच्छेद 4 के अनुसार 2–3 के कानून अनुच्छेद 368 संशोधन नहीं माने जाते।
आरंभिक नागरिकता5–11संविधान-प्रारंभ के नियम अनुच्छेद 11 के संसदीय नागरिकता कानून से अलग हैं।
परिभाषा/कानून12–13भाग III हेतु राज्य की परिभाषा; असंगत कानून। संशोधन मूल संरचना के अधीन।
समानता14–18समानता, भेदभाव नियम, लोक रोजगार, अस्पृश्यता और उपाधियों का उन्मूलन।
स्वतंत्रता/संरक्षण19–2219 केवल नागरिक; 20 और 21 केवल नागरिक तक सीमित नहीं; 21A में 6–14; 22 गिरफ्तारी/निरोध।
शोषण/धर्म23–28बंधुआ श्रम/बाल श्रम संरक्षण और संवैधानिक सीमाओं सहित धर्म-स्वतंत्रता।
संस्कृति/उपचार29–32सांस्कृतिक-शैक्षिक संरक्षण; अनुच्छेद 32 स्वयं मूल अधिकार।
विशेष उपबंध33–3533 में संसद बलों के अधिकार बदल सकती है; 35 निर्दिष्ट कानून संसद के लिए सुरक्षित करता है।
नीति-निदेशक तत्व36–51न्यायालय से सीधे प्रवर्तनीय नहीं, पर शासन में मूलभूत; 39, 39A, 40, 44, 45, 46, 47, 48A, 50 महत्त्वपूर्ण।
मूल कर्तव्य51Aग्यारह कर्तव्य; 42वें ने दस, 86वें ने (k) जोड़ा; अधिकारों जैसे सीधे प्रवर्तनीय नहीं।

4. मूल अधिकार, नीति-निदेशक तत्व और कर्तव्य

विशेषतामूल अधिकारनीति-निदेशक तत्वमूल कर्तव्य
स्थानभाग IIIभाग IVभाग IVA
मुख्य संबोधनप्रायः राज्य पर रोक/दायित्व; कुछ क्षैतिज प्रभावकानून और नीति में राज्यनागरिक
प्रवर्तनसंवैधानिक उपचारकेवल नीति-निदेशक होने से प्रवर्तनीय नहींप्रायः सहायक कानून चाहिए
संबंधसामंजस्य, स्वतः निरपेक्ष प्रधानता नहीं; संवैधानिक संतुलन महत्त्वपूर्ण।

5. रिट और उपचार

रिटउद्देश्यसावधानी
बंदी प्रत्यक्षीकरणनिरुद्ध व्यक्ति को प्रस्तुत कर वैधता जाँचना।अवैध सार्वजनिक या निजी अभिरक्षा तक; हर वैध न्यायिक अभिरक्षा की अपील नहीं।
परमादेशलोक/विधिक कर्तव्य पूरा कराने का आदेश।सामान्यतः राष्ट्रपति/राज्यपाल के संवैधानिक कार्य या पूर्ण निजी कर्तव्य पर नहीं।
प्रतिषेधविचाराधीन मामले में अधीनस्थ न्यायालय/अधिकरण को अधिकार-सीमा पार करने से रोकना।निवारक।
उत्प्रेषणअधिकारिता या विधि-दोष वाला आदेश निरस्त करना।सुधारात्मक।
अधिकार-पृच्छामूलभूत लोक पद धारण करने का अधिकार जाँचना।सामान्य व्यक्तिगत क्षति सिद्ध करना आवश्यक नहीं।

6. अनुसूचियाँ और भाषा

अनुसूचीस्मरण-बिंदु
पहलीराज्य और संघ राज्य-क्षेत्र
दूसरीनिर्दिष्ट पदों के वेतन-भत्ते
तीसरीशपथ और प्रतिज्ञान
चौथीराज्यसभा सीटें
पाँचवीं/छठीअनुसूचित क्षेत्र/जनजाति; असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम के स्वायत्त जनजातीय क्षेत्र
सातवींसंघ, राज्य, समवर्ती सूची
आठवीं22 मान्य भाषाएँ, “राष्ट्रीय भाषाएँ” नहीं
नौवींनिर्दिष्ट कानून; 24 अप्रैल 1973 बाद की प्रविष्टि मूल संरचना जाँच के अधीन
दसवींदल-बदल
ग्यारहवीं/बारहवीं29 पंचायत / 18 नगरपालिका विषय

7. आपातकाल

प्रकारआधार/अनुच्छेदस्वीकृति/अवधिअधिकार प्रभाव
राष्ट्रीययुद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह; 352एक माह में; विशेष बहुमत से छह-माही नवीकरण358 केवल युद्ध/बाह्य आक्रमण और अनुच्छेद 19; 359 आदेश से 20–21 प्रवर्तन निलंबित नहीं
राष्ट्रपति शासनराज्य शासन संविधानानुसार न चल सके; 356दो माह में; छह-माही विस्तार, शर्तों सहित सामान्यतः अधिकतम तीन वर्षमूल अधिकार स्वतः निलंबित नहीं
वित्तीयवित्तीय स्थिरता/साख संकट; 360दो माह में; वापसी तकवित्तीय निर्देश; सत्यापन तिथि तक कभी घोषित नहीं

8. संघ कार्यपालिका

पदअनुच्छेदस्मरण
राष्ट्रपति52–62, 72, 74, 111, 123अप्रत्यक्ष चुनाव; सहायता-सलाह; क्षमा, स्वीकृति, अध्यादेश। सलाह पर एक बार पुनर्विचार, फिर पुनर्विचारित सलाह स्वीकार।
उपराष्ट्रपति63–71राज्यसभा के पदेन सभापति; दोनों संसदीय सदनों के सदस्य चुनते हैं; राज्य विधायक नहीं।
मंत्रिपरिषद74–75लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व; गैर-सदस्य मंत्री छह माह में किसी सदन का सदस्य बने।
महान्यायवादी76संघ का सर्वोच्च विधि अधिकारी; संसद में बोल/भाग ले सकता, पद मात्र से मत नहीं।
कार्य/प्रधानमंत्री कर्तव्य77–78संघ कार्य संचालन और राष्ट्रपति के प्रति प्रधानमंत्री के कर्तव्य।

9. राष्ट्रपति और राज्यपाल

विशेषताराष्ट्रपतिराज्यपाल
चयनअप्रत्यक्ष चुनावराष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
अवधिपाँच वर्ष; उत्तराधिकारी पद ग्रहण तकपाँच वर्ष, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत; उत्तराधिकारी तक
क्षमादान72 में सैन्य न्यायालय और मृत्युदंड161 राज्य कार्यपालिका क्षेत्र; सैन्य न्यायालय की क्षमा नहीं
अध्यादेश123213; कुछ विषयों पर राष्ट्रपति निर्देश आवश्यक
हटानासंविधान उल्लंघन पर महाभियोगमहाभियोग नहीं; प्रसादपर्यंत

10. संसद और कानून-निर्माण

विषयअनुच्छेद/नियमभ्रम
रचना79–122राष्ट्रपति संसद का घटक, किसी सदन का सदस्य नहीं।
सत्र85एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले की पहली बैठक में छह माह से अधिक नहीं।
गणपूर्ति100कानून अन्यथा न कहे तो दसवाँ भाग।
संयुक्त बैठक108साधारण गतिरोध; धन विधेयक या संशोधन पर नहीं।
धन विधेयक110केवल लोकसभा; अध्यक्ष प्रमाणित; राज्यसभा 14 दिन में सुझाव।
बजट112वार्षिक वित्तीय विवरण; भारित व्यय पर चर्चा, मतदान नहीं।
अध्यादेश123अस्थायी; संसद पुनः मिलने के छह सप्ताह बाद, स्वीकृति न हो तो समाप्त।
संशोधन368संयुक्त बैठक नहीं; दोनों सदन अलग पारित करें।

11. विधेयक तुलना

विशेषतासाधारणधनअनुच्छेद 368
उद्गमकिसी सदन मेंकेवल लोकसभा, राष्ट्रपति की अनुशंसाकिसी सदन में
राज्यसभासमान, गतिरोध मार्ग सहित14 दिन में सुझावसमान और अनिवार्य
संयुक्त बैठकसंभवनहींनहीं
राष्ट्रपतिगैर-धन को एक बार लौटा सकतेसाधारण वापसी मार्ग नहींवैध पारित होने पर स्वीकृति देंगे

12. न्यायपालिका

संस्थाअनुच्छेदभेद
सर्वोच्च न्यायालय124–147मूल संघीय 131; रिट 32; परामर्श 143; अभिलेख न्यायालय 129।
उच्च न्यायालय214–231226 अधिकार और अन्य प्रयोजन; अधीक्षण 227; अभिलेख न्यायालय 215।
अधीनस्थ न्यायालय233–237उच्च न्यायालय से परामर्श पर राज्यपाल जिला न्यायाधीश नियुक्त; 235 में उच्च न्यायालय नियंत्रण।
अधिकरण323A–323Bएल. चंद्र कुमार: निर्णय उच्च न्यायालय पुनरावलोकन के अधीन।
मूल संरचना368 सिद्धांतकेशवानंद: संशोधन करें, मूल संरचना नष्ट नहीं।

13. संघवाद और राज्य व्यवस्था

समूहअनुच्छेदस्मरण
विधायी संबंध245–255; सातवीं अनुसूचीसंघ/राज्य/समवर्ती क्षेत्र; 248 में संसद की अवशिष्ट शक्ति।
प्रशासनिक संबंध256–263संघ निर्देश, प्रत्यायोजन, अंतरराज्यीय जल विवाद और अंतरराज्यीय परिषद।
वित्त264–293कर-वितरण, अनुदान, निधि और वित्त आयोग।
राज्यपाल153–167, 174, 200, 213राज्य प्रमुख सामान्यतः सहायता-सलाह पर; केवल संविधान अनुमत विवेक अपवाद।
राज्य विधानमंडल168–212बिहार द्विसदनीय: विधानसभा और विधान परिषद; राज्यपाल संवैधानिक घटक।
उच्च न्यायालय214 आगेपटना उच्च न्यायालय बिहार का उच्च न्यायालय; वर्तमान पदाधिकारी अलग जाँचें।
महाधिवक्ता165, 177राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी; भागीदारी पर पद मात्र से मत नहीं।

14. निधियाँ और वित्तीय निकाय

विषयनियम
संचित निधिनिर्दिष्ट राजस्व, ऋण और ऋण-वसूली; संवैधानिक भारित संरचना को छोड़ निकासी हेतु विनियोग कानून।
लोक लेखाअन्य लोक धन जैसे निर्दिष्ट न्यास/जमा; निकासी की व्यवस्था संचित निधि से अलग।
आकस्मिकता निधिबाद की विधायी स्वीकृति तक अप्रत्याशित व्यय हेतु अग्रदाय।
वित्त आयोगअनुच्छेद 280; राष्ट्रपति गठन; संघ-राज्य कर और अनुदान सिफारिश।
राज्य वित्त आयोग243I/243Y; राज्यपाल गठन; पंचायत/नगरपालिका वित्त।
GST परिषद279A; संघ वित्त मंत्री अध्यक्ष, राज्य सहभागी।

15. चुनाव, दल और स्थानीय शासन

विषयआधारभ्रम
भारत निर्वाचन आयोग324; संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति चुनावस्थानीय चुनाव नहीं।
वयस्क मताधिकार326; आयु 18मताधिकार संवैधानिक/वैधानिक ढाँचे से; मूल अधिकार घोषित नहीं।
दल-बदलदसवीं अनुसूची; 52वाँ और 91वाँअध्यक्ष/सभापति का अंतिम निर्णय पुनरावलोकन योग्य।
पंचायतभाग IX; 73वाँ; ग्यारहवीं अनुसूचीग्राम सभा, ग्राम पंचायत से अलग।
नगरपालिकाभाग IXA; 74वाँ; बारहवीं अनुसूचीनगर पंचायत संक्रमण क्षेत्र हेतु, ग्रामीण ग्राम पंचायत नहीं।
स्थानीय चुनाव243K/243ZAराज्य निर्वाचन आयोग, ECI नहीं।
स्थानीय वित्त243I/243Yराज्य वित्त आयोग, संघ वित्त आयोग नहीं।

16. निकाय: उत्तर से पहले वर्गीकरण

निकायस्रोत/अनुच्छेदमुख्य कार्य
ECIसंविधान, 324निर्दिष्ट राष्ट्रीय/राज्य चुनाव
CAGसंविधान, 148–151लोक लेखापरीक्षा; रिपोर्ट राष्ट्रपति/राज्यपाल से विधायिका तक
UPSC/SPSCसंविधान, 315–323भर्ती परीक्षा/परामर्श; सामान्य विभाग नहीं
वित्त आयोगसंविधान, 280संघीय वित्तीय सिफारिश
NCSC/NCST/NCBC338/338A/338Bसंवैधानिक संरक्षण निगरानी
NHRCअधिनियममानवाधिकार संरक्षण; संवैधानिक निकाय नहीं
लोकपाल/लोकायुक्तअधिनियमलागू कानून के अनुसार भ्रष्टाचार अधिकारिता
नीति आयोगकार्यपालिका संकल्पनीति/सहकारी संघवाद मंच; संवैधानिक या वैधानिक नहीं

17. बिहार राजनीतिक व्यवस्था के त्वरित तथ्य

विषयसत्यापित आधार
राज्य निर्माण1912 में बिहार-उड़ीसा प्रांत; 1936 में उड़ीसा अलग; संविधान बाद बिहार राज्य; 2000 में बिहार से झारखंड।
विधानमंडलअनुच्छेद 168 के अंतर्गत द्विसदनीय—विधानसभा, विधान परिषद; राज्यपाल संवैधानिक घटक।
कार्यपालिका153 आगे राज्यपाल; वास्तविक संसदीय कार्यपालिका मुख्यमंत्री-नेतृत्व मंत्रिपरिषद, विधानसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायी।
न्यायपालिकापटना उच्च न्यायालय; अधीनस्थ न्यायपालिका उच्च न्यायालय के संवैधानिक नियंत्रण में।
BPSC315–323 का राज्य लोक सेवा आयोग; संवैधानिक, सामान्य भर्ती अभिकरण नहीं।
बिहार SEC243K/243ZA और राज्य कानून के अंतर्गत पंचायत/नगरपालिका चुनाव का संवैधानिक प्राधिकारी।
ग्राम कचहरीबिहार पंचायत राज कानून की वैधानिक स्थानीय न्याय संस्था; अलग संवैधानिक न्यायालय स्तर नहीं।

18. बिहार शासन और नागरिक उपचार

आवश्यकतासही मार्गमुख्य भेद
अधिसूचित समयबद्ध सेवाबिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011; 15 अगस्त 2011 से क्रियाशीलसेवा अधिसूचित और आवेदक पात्र; निर्दिष्ट अपील-शृंखला।
दायरे की लोक शिकायतबिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015; 5 जून 2016 से लागूआधिकारिक 60 कार्यदिवसीय प्रक्रिया में सुनवाई, निवारण अवसर और निर्णय सूचना।
मौजूदा सरकारी अभिलेखसूचना अधिकार प्रक्रियासूचना पाना लाभ की स्वतः स्वीकृति नहीं।
भ्रष्टाचार आरोपलागू सतर्कता/लोकायुक्त/भ्रष्टाचार-निरोधी मार्गसाधारण सेवा अपील हर आपराधिक भ्रष्टाचार जाँच नहीं करती।
अंकीय आवेदनसर्विसप्लस/आधिकारिक पोर्टल या सहायता केंद्रपोर्टल माध्यम; कानून/अधिसूचना अधिकार बनाते हैं।

19. संशोधन और ऐतिहासिक निर्णय: अंतिम शृंखला

समूहअनिवार्य स्मरण-शृंखला
संशोधन शक्तिगोलकनाथ → 24वाँ → केशवानंद मूल संरचना → 42वाँ विस्तार → मिनर्वा सीमित शक्ति → आई.आर. कोएलो नौवीं अनुसूची जाँच।
आपात/संपत्ति42वें का केंद्रीकरण; 44वें से पाँच वर्ष, आपात सुरक्षा, अनुच्छेद 20–21 और 300A।
लोकतंत्र52वाँ दल-बदल; किहोटो पुनरावलोकन; 61वाँ 18 वर्ष; 73वाँ/74वाँ स्थानीय शासन; 91वाँ मंत्री सीमा/विभाजन समाप्त।
आरक्षण77वाँ/81वाँ/82वाँ/85वाँ पदोन्नति समूह; 93वाँ 15(5); 102वाँ NCBC; 103वाँ EWS जनहित अभियान में वैध; 105वाँ राज्य SEBC सूची।
संस्थाएँ99वाँ NJAC 2015 में अमान्य; 101वाँ GST; 97वाँ भाग IXB राजेंद्र एन. शाह में आंशिक अमान्य।
अधिकारमेनका: उचित प्रक्रिया और 14–19–21; पुट्टस्वामी: निजता; बोम्मई: 356 पुनरावलोकन/सदन-परीक्षण/पंथनिरपेक्षता।

24. मिश्रित बीपीएससी-शैली अभ्यास: ठीक 20 प्रश्न