प्रारंभिक परीक्षा में सूक्ष्म भेद महत्त्वपूर्ण हैं—राष्ट्रपति/राज्यपाल, धन/वित्त विधेयक, अनुच्छेद 32/226, भारत निर्वाचन आयोग/राज्य निर्वाचन आयोग, संवैधानिक/वैधानिक निकाय, लोक सेवा अधिकार/लोक शिकायत और संघीय प्रावधान/बिहार क्रियान्वयन।
पहले संस्था पहचानें, फिर उसका स्रोत, नियुक्ति, हटाने की विधि, कार्य और नियंत्रण।
3. संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 1–51A
समूह
अनुच्छेद
मुख्य नियम
संघ और भू-भाग
1–4
भारत राज्यों का संघ; संसद राज्य स्वीकार, स्थापित, बना या सीमा बदल सकती है। अनुच्छेद 4 के अनुसार 2–3 के कानून अनुच्छेद 368 संशोधन नहीं माने जाते।
आरंभिक नागरिकता
5–11
संविधान-प्रारंभ के नियम अनुच्छेद 11 के संसदीय नागरिकता कानून से अलग हैं।
परिभाषा/कानून
12–13
भाग III हेतु राज्य की परिभाषा; असंगत कानून। संशोधन मूल संरचना के अधीन।
समानता
14–18
समानता, भेदभाव नियम, लोक रोजगार, अस्पृश्यता और उपाधियों का उन्मूलन।
स्वतंत्रता/संरक्षण
19–22
19 केवल नागरिक; 20 और 21 केवल नागरिक तक सीमित नहीं; 21A में 6–14; 22 गिरफ्तारी/निरोध।
शोषण/धर्म
23–28
बंधुआ श्रम/बाल श्रम संरक्षण और संवैधानिक सीमाओं सहित धर्म-स्वतंत्रता।
संस्कृति/उपचार
29–32
सांस्कृतिक-शैक्षिक संरक्षण; अनुच्छेद 32 स्वयं मूल अधिकार।
विशेष उपबंध
33–35
33 में संसद बलों के अधिकार बदल सकती है; 35 निर्दिष्ट कानून संसद के लिए सुरक्षित करता है।
नीति-निदेशक तत्व
36–51
न्यायालय से सीधे प्रवर्तनीय नहीं, पर शासन में मूलभूत; 39, 39A, 40, 44, 45, 46, 47, 48A, 50 महत्त्वपूर्ण।
मूल कर्तव्य
51A
ग्यारह कर्तव्य; 42वें ने दस, 86वें ने (k) जोड़ा; अधिकारों जैसे सीधे प्रवर्तनीय नहीं।
4. मूल अधिकार, नीति-निदेशक तत्व और कर्तव्य
विशेषता
मूल अधिकार
नीति-निदेशक तत्व
मूल कर्तव्य
स्थान
भाग III
भाग IV
भाग IVA
मुख्य संबोधन
प्रायः राज्य पर रोक/दायित्व; कुछ क्षैतिज प्रभाव
कानून और नीति में राज्य
नागरिक
प्रवर्तन
संवैधानिक उपचार
केवल नीति-निदेशक होने से प्रवर्तनीय नहीं
प्रायः सहायक कानून चाहिए
संबंध
सामंजस्य, स्वतः निरपेक्ष प्रधानता नहीं; संवैधानिक संतुलन महत्त्वपूर्ण।
5. रिट और उपचार
रिट
उद्देश्य
सावधानी
बंदी प्रत्यक्षीकरण
निरुद्ध व्यक्ति को प्रस्तुत कर वैधता जाँचना।
अवैध सार्वजनिक या निजी अभिरक्षा तक; हर वैध न्यायिक अभिरक्षा की अपील नहीं।
परमादेश
लोक/विधिक कर्तव्य पूरा कराने का आदेश।
सामान्यतः राष्ट्रपति/राज्यपाल के संवैधानिक कार्य या पूर्ण निजी कर्तव्य पर नहीं।
प्रतिषेध
विचाराधीन मामले में अधीनस्थ न्यायालय/अधिकरण को अधिकार-सीमा पार करने से रोकना।
निवारक।
उत्प्रेषण
अधिकारिता या विधि-दोष वाला आदेश निरस्त करना।
सुधारात्मक।
अधिकार-पृच्छा
मूलभूत लोक पद धारण करने का अधिकार जाँचना।
सामान्य व्यक्तिगत क्षति सिद्ध करना आवश्यक नहीं।
6. अनुसूचियाँ और भाषा
अनुसूची
स्मरण-बिंदु
पहली
राज्य और संघ राज्य-क्षेत्र
दूसरी
निर्दिष्ट पदों के वेतन-भत्ते
तीसरी
शपथ और प्रतिज्ञान
चौथी
राज्यसभा सीटें
पाँचवीं/छठी
अनुसूचित क्षेत्र/जनजाति; असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम के स्वायत्त जनजातीय क्षेत्र
सातवीं
संघ, राज्य, समवर्ती सूची
आठवीं
22 मान्य भाषाएँ, “राष्ट्रीय भाषाएँ” नहीं
नौवीं
निर्दिष्ट कानून; 24 अप्रैल 1973 बाद की प्रविष्टि मूल संरचना जाँच के अधीन
दसवीं
दल-बदल
ग्यारहवीं/बारहवीं
29 पंचायत / 18 नगरपालिका विषय
7. आपातकाल
प्रकार
आधार/अनुच्छेद
स्वीकृति/अवधि
अधिकार प्रभाव
राष्ट्रीय
युद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह; 352
एक माह में; विशेष बहुमत से छह-माही नवीकरण
358 केवल युद्ध/बाह्य आक्रमण और अनुच्छेद 19; 359 आदेश से 20–21 प्रवर्तन निलंबित नहीं
राष्ट्रपति शासन
राज्य शासन संविधानानुसार न चल सके; 356
दो माह में; छह-माही विस्तार, शर्तों सहित सामान्यतः अधिकतम तीन वर्ष
मूल अधिकार स्वतः निलंबित नहीं
वित्तीय
वित्तीय स्थिरता/साख संकट; 360
दो माह में; वापसी तक
वित्तीय निर्देश; सत्यापन तिथि तक कभी घोषित नहीं
8. संघ कार्यपालिका
पद
अनुच्छेद
स्मरण
राष्ट्रपति
52–62, 72, 74, 111, 123
अप्रत्यक्ष चुनाव; सहायता-सलाह; क्षमा, स्वीकृति, अध्यादेश। सलाह पर एक बार पुनर्विचार, फिर पुनर्विचारित सलाह स्वीकार।
उपराष्ट्रपति
63–71
राज्यसभा के पदेन सभापति; दोनों संसदीय सदनों के सदस्य चुनते हैं; राज्य विधायक नहीं।
मंत्रिपरिषद
74–75
लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व; गैर-सदस्य मंत्री छह माह में किसी सदन का सदस्य बने।
महान्यायवादी
76
संघ का सर्वोच्च विधि अधिकारी; संसद में बोल/भाग ले सकता, पद मात्र से मत नहीं।
कार्य/प्रधानमंत्री कर्तव्य
77–78
संघ कार्य संचालन और राष्ट्रपति के प्रति प्रधानमंत्री के कर्तव्य।
9. राष्ट्रपति और राज्यपाल
विशेषता
राष्ट्रपति
राज्यपाल
चयन
अप्रत्यक्ष चुनाव
राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त
अवधि
पाँच वर्ष; उत्तराधिकारी पद ग्रहण तक
पाँच वर्ष, राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत; उत्तराधिकारी तक
क्षमादान
72 में सैन्य न्यायालय और मृत्युदंड
161 राज्य कार्यपालिका क्षेत्र; सैन्य न्यायालय की क्षमा नहीं
अध्यादेश
123
213; कुछ विषयों पर राष्ट्रपति निर्देश आवश्यक
हटाना
संविधान उल्लंघन पर महाभियोग
महाभियोग नहीं; प्रसादपर्यंत
10. संसद और कानून-निर्माण
विषय
अनुच्छेद/नियम
भ्रम
रचना
79–122
राष्ट्रपति संसद का घटक, किसी सदन का सदस्य नहीं।
सत्र
85
एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले की पहली बैठक में छह माह से अधिक नहीं।
गणपूर्ति
100
कानून अन्यथा न कहे तो दसवाँ भाग।
संयुक्त बैठक
108
साधारण गतिरोध; धन विधेयक या संशोधन पर नहीं।
धन विधेयक
110
केवल लोकसभा; अध्यक्ष प्रमाणित; राज्यसभा 14 दिन में सुझाव।
बजट
112
वार्षिक वित्तीय विवरण; भारित व्यय पर चर्चा, मतदान नहीं।
अध्यादेश
123
अस्थायी; संसद पुनः मिलने के छह सप्ताह बाद, स्वीकृति न हो तो समाप्त।
संशोधन
368
संयुक्त बैठक नहीं; दोनों सदन अलग पारित करें।
11. विधेयक तुलना
विशेषता
साधारण
धन
अनुच्छेद 368
उद्गम
किसी सदन में
केवल लोकसभा, राष्ट्रपति की अनुशंसा
किसी सदन में
राज्यसभा
समान, गतिरोध मार्ग सहित
14 दिन में सुझाव
समान और अनिवार्य
संयुक्त बैठक
संभव
नहीं
नहीं
राष्ट्रपति
गैर-धन को एक बार लौटा सकते
साधारण वापसी मार्ग नहीं
वैध पारित होने पर स्वीकृति देंगे
12. न्यायपालिका
संस्था
अनुच्छेद
भेद
सर्वोच्च न्यायालय
124–147
मूल संघीय 131; रिट 32; परामर्श 143; अभिलेख न्यायालय 129।
उच्च न्यायालय
214–231
226 अधिकार और अन्य प्रयोजन; अधीक्षण 227; अभिलेख न्यायालय 215।
अधीनस्थ न्यायालय
233–237
उच्च न्यायालय से परामर्श पर राज्यपाल जिला न्यायाधीश नियुक्त; 235 में उच्च न्यायालय नियंत्रण।
अधिकरण
323A–323B
एल. चंद्र कुमार: निर्णय उच्च न्यायालय पुनरावलोकन के अधीन।
मूल संरचना
368 सिद्धांत
केशवानंद: संशोधन करें, मूल संरचना नष्ट नहीं।
13. संघवाद और राज्य व्यवस्था
समूह
अनुच्छेद
स्मरण
विधायी संबंध
245–255; सातवीं अनुसूची
संघ/राज्य/समवर्ती क्षेत्र; 248 में संसद की अवशिष्ट शक्ति।
प्रशासनिक संबंध
256–263
संघ निर्देश, प्रत्यायोजन, अंतरराज्यीय जल विवाद और अंतरराज्यीय परिषद।
वित्त
264–293
कर-वितरण, अनुदान, निधि और वित्त आयोग।
राज्यपाल
153–167, 174, 200, 213
राज्य प्रमुख सामान्यतः सहायता-सलाह पर; केवल संविधान अनुमत विवेक अपवाद।
राज्य विधानमंडल
168–212
बिहार द्विसदनीय: विधानसभा और विधान परिषद; राज्यपाल संवैधानिक घटक।
उच्च न्यायालय
214 आगे
पटना उच्च न्यायालय बिहार का उच्च न्यायालय; वर्तमान पदाधिकारी अलग जाँचें।
महाधिवक्ता
165, 177
राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी; भागीदारी पर पद मात्र से मत नहीं।
14. निधियाँ और वित्तीय निकाय
विषय
नियम
संचित निधि
निर्दिष्ट राजस्व, ऋण और ऋण-वसूली; संवैधानिक भारित संरचना को छोड़ निकासी हेतु विनियोग कानून।
लोक लेखा
अन्य लोक धन जैसे निर्दिष्ट न्यास/जमा; निकासी की व्यवस्था संचित निधि से अलग।
आकस्मिकता निधि
बाद की विधायी स्वीकृति तक अप्रत्याशित व्यय हेतु अग्रदाय।
वित्त आयोग
अनुच्छेद 280; राष्ट्रपति गठन; संघ-राज्य कर और अनुदान सिफारिश।
राज्य वित्त आयोग
243I/243Y; राज्यपाल गठन; पंचायत/नगरपालिका वित्त।
GST परिषद
279A; संघ वित्त मंत्री अध्यक्ष, राज्य सहभागी।
15. चुनाव, दल और स्थानीय शासन
विषय
आधार
भ्रम
भारत निर्वाचन आयोग
324; संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति चुनाव
स्थानीय चुनाव नहीं।
वयस्क मताधिकार
326; आयु 18
मताधिकार संवैधानिक/वैधानिक ढाँचे से; मूल अधिकार घोषित नहीं।
दल-बदल
दसवीं अनुसूची; 52वाँ और 91वाँ
अध्यक्ष/सभापति का अंतिम निर्णय पुनरावलोकन योग्य।
पंचायत
भाग IX; 73वाँ; ग्यारहवीं अनुसूची
ग्राम सभा, ग्राम पंचायत से अलग।
नगरपालिका
भाग IXA; 74वाँ; बारहवीं अनुसूची
नगर पंचायत संक्रमण क्षेत्र हेतु, ग्रामीण ग्राम पंचायत नहीं।
स्थानीय चुनाव
243K/243ZA
राज्य निर्वाचन आयोग, ECI नहीं।
स्थानीय वित्त
243I/243Y
राज्य वित्त आयोग, संघ वित्त आयोग नहीं।
16. निकाय: उत्तर से पहले वर्गीकरण
निकाय
स्रोत/अनुच्छेद
मुख्य कार्य
ECI
संविधान, 324
निर्दिष्ट राष्ट्रीय/राज्य चुनाव
CAG
संविधान, 148–151
लोक लेखापरीक्षा; रिपोर्ट राष्ट्रपति/राज्यपाल से विधायिका तक
UPSC/SPSC
संविधान, 315–323
भर्ती परीक्षा/परामर्श; सामान्य विभाग नहीं
वित्त आयोग
संविधान, 280
संघीय वित्तीय सिफारिश
NCSC/NCST/NCBC
338/338A/338B
संवैधानिक संरक्षण निगरानी
NHRC
अधिनियम
मानवाधिकार संरक्षण; संवैधानिक निकाय नहीं
लोकपाल/लोकायुक्त
अधिनियम
लागू कानून के अनुसार भ्रष्टाचार अधिकारिता
नीति आयोग
कार्यपालिका संकल्प
नीति/सहकारी संघवाद मंच; संवैधानिक या वैधानिक नहीं
17. बिहार राजनीतिक व्यवस्था के त्वरित तथ्य
विषय
सत्यापित आधार
राज्य निर्माण
1912 में बिहार-उड़ीसा प्रांत; 1936 में उड़ीसा अलग; संविधान बाद बिहार राज्य; 2000 में बिहार से झारखंड।
विधानमंडल
अनुच्छेद 168 के अंतर्गत द्विसदनीय—विधानसभा, विधान परिषद; राज्यपाल संवैधानिक घटक।
कार्यपालिका
153 आगे राज्यपाल; वास्तविक संसदीय कार्यपालिका मुख्यमंत्री-नेतृत्व मंत्रिपरिषद, विधानसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायी।
न्यायपालिका
पटना उच्च न्यायालय; अधीनस्थ न्यायपालिका उच्च न्यायालय के संवैधानिक नियंत्रण में।
BPSC
315–323 का राज्य लोक सेवा आयोग; संवैधानिक, सामान्य भर्ती अभिकरण नहीं।
बिहार SEC
243K/243ZA और राज्य कानून के अंतर्गत पंचायत/नगरपालिका चुनाव का संवैधानिक प्राधिकारी।
ग्राम कचहरी
बिहार पंचायत राज कानून की वैधानिक स्थानीय न्याय संस्था; अलग संवैधानिक न्यायालय स्तर नहीं।
18. बिहार शासन और नागरिक उपचार
आवश्यकता
सही मार्ग
मुख्य भेद
अधिसूचित समयबद्ध सेवा
बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011; 15 अगस्त 2011 से क्रियाशील
सेवा अधिसूचित और आवेदक पात्र; निर्दिष्ट अपील-शृंखला।
दायरे की लोक शिकायत
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015; 5 जून 2016 से लागू
आधिकारिक 60 कार्यदिवसीय प्रक्रिया में सुनवाई, निवारण अवसर और निर्णय सूचना।
मौजूदा सरकारी अभिलेख
सूचना अधिकार प्रक्रिया
सूचना पाना लाभ की स्वतः स्वीकृति नहीं।
भ्रष्टाचार आरोप
लागू सतर्कता/लोकायुक्त/भ्रष्टाचार-निरोधी मार्ग
साधारण सेवा अपील हर आपराधिक भ्रष्टाचार जाँच नहीं करती।
अंकीय आवेदन
सर्विसप्लस/आधिकारिक पोर्टल या सहायता केंद्र
पोर्टल माध्यम; कानून/अधिसूचना अधिकार बनाते हैं।
19. संशोधन और ऐतिहासिक निर्णय: अंतिम शृंखला
समूह
अनिवार्य स्मरण-शृंखला
संशोधन शक्ति
गोलकनाथ → 24वाँ → केशवानंद मूल संरचना → 42वाँ विस्तार → मिनर्वा सीमित शक्ति → आई.आर. कोएलो नौवीं अनुसूची जाँच।
आपात/संपत्ति
42वें का केंद्रीकरण; 44वें से पाँच वर्ष, आपात सुरक्षा, अनुच्छेद 20–21 और 300A।
लोकतंत्र
52वाँ दल-बदल; किहोटो पुनरावलोकन; 61वाँ 18 वर्ष; 73वाँ/74वाँ स्थानीय शासन; 91वाँ मंत्री सीमा/विभाजन समाप्त।
आरक्षण
77वाँ/81वाँ/82वाँ/85वाँ पदोन्नति समूह; 93वाँ 15(5); 102वाँ NCBC; 103वाँ EWS जनहित अभियान में वैध; 105वाँ राज्य SEBC सूची।
संस्थाएँ
99वाँ NJAC 2015 में अमान्य; 101वाँ GST; 97वाँ भाग IXB राजेंद्र एन. शाह में आंशिक अमान्य।
अधिकार
मेनका: उचित प्रक्रिया और 14–19–21; पुट्टस्वामी: निजता; बोम्मई: 356 पुनरावलोकन/सदन-परीक्षण/पंथनिरपेक्षता।