शेरशाह सूरी: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स
BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग
यह बिहार का बहुत महत्त्वपूर्ण विषय है। सासाराम, चौसा, कन्नौज/बिलग्राम, सूरी प्रशासन, सड़कें और सराय, मुद्रा, मकबरे की वास्तुकला तथा बिहार के रोहतासगढ़ और वर्तमान पाकिस्तान के रोहतास किले का अंतर तैयार करें।
सरल परिचय
शेरशाह सूरी अफगान मूल के सूरी साम्राज्य के संस्थापक थे। उनका उत्थान बिहार के सासाराम क्षेत्र से हुआ। उन्होंने 1539 में चौसा और 1540 में कन्नौज (बिलग्राम) में हुमायूँ को हराया और 1545 में मृत्यु तक उत्तर भारत पर शासन किया। उनका छोटा शासन राजस्व प्रशासन, संचार, सड़क, सराय, मानकीकृत रजत-मुद्रा और मजबूत बिहार संबंधों के लिए याद किया जाता है।
कालक्रम
घटनाएँ और पहचान
| घटना / स्थान | सही संबंध |
|---|---|
| चौसा, 1539 | शेरशाह ने हुमायूँ को हराया; बिहार से संबंध। |
| कन्नौज/बिलग्राम, 1540 | शेरशाह ने हुमायूँ को फिर हराया। |
| सासाराम, रोहतास जिला | जन्म-क्षेत्र से संबंध और शेरशाह का मकबरा। |
| रोहतास किला | 1541 में वर्तमान पाकिस्तान में हुमायूँ को हराने के बाद बनाया गया किला। |
| रोहतासगढ़ | बिहार का अलग किला-स्थल; इसे पाकिस्तान के किले से न मिलाएँ। |
प्रशासन: परीक्षा शब्द
| शब्द / उपाय | अर्थ |
|---|---|
| सरकार | परगना से ऊपर का प्रशासनिक विभाग। |
| परगना | सरकार से नीचे का प्रशासनिक-राजस्व विभाग। |
| पट्टा | किसान की भूमि और उस पर लगने वाले राजस्व की मांग बताने वाला दस्तावेज। |
| कबूलियत | किसान द्वारा निर्धारित राजस्व देने का समझौता। |
| रुपया | शेरशाह से जुड़ा मानकीकृत चाँदी का सिक्का; आधुनिक रुपये का पूर्वरूप। |
| सराय / डाक | सड़क किनारे विश्राम-स्थल / डाक-संचार व्यवस्था। |
उसका प्रशासन क्यों महत्त्वपूर्ण है
शेरशाह ने सड़क, वृक्ष, सराय, डाक व्यवस्था और दूरी-चिह्नों के माध्यम से संचार सुधारा। UNESCO की उत्तरापथ/बादशाही सड़क सामग्री मार्ग को महत्त्वपूर्ण साम्राज्यिक पथ बताती है और उसे मार्ग के पुनर्निर्माण, वृक्षारोपण और यात्री सुविधाओं से जोड़ती है। चाँदी के रुपये के मानकीकरण से व्यापार को सहायता मिली। उसके राजस्व तंत्र में भूमि-मापन और लिखित अभिलेख थे, जिनका प्रतिनिधित्व पट्टा और कबूलियत करते हैं। NCERT के अनुसार उसके प्रशासन ने अलाउद्दीन खिलजी के कुछ तत्त्व लिए और बाद में अकबर के लिए आदर्श बना।
वास्तुकला और बिहार विरासत
| स्मारक | तथ्य |
|---|---|
| शेरशाह का मकबरा, सासाराम | कृत्रिम वर्गाकार झील के बीच सोलहवीं शताब्दी का इंडो-इस्लामिक मकबरा; बिहार पर्यटन इसे लगभग 122 फुट ऊँचा तीन-मंजिला ढाँचा बताता है। |
| शेरशाह सूरी मस्जिद, पटना | 1545 में बनी; अफगान वास्तुकला शैली। |
| रोहतास किला, पाकिस्तान | हुमायूँ को हराने के बाद शेरशाह ने 1541 में बनवाया; UNESCO विश्व धरोहर स्थल। |
| बादशाही सड़क / ग्रैंड ट्रंक रोड मार्ग | पुनर्निर्माण, सराय, वृक्ष, कोस मीनार और डाक उपयोग से संबंधित। |
प्रारंभिक परीक्षा के जाल
- चौसा कन्नौज/बिलग्राम से पहले हुआ।
- चौसा बिहार में है; इसे उत्तर प्रदेश में न रखें।
- 1541 का रोहतास किला वर्तमान पाकिस्तान में है, जबकि रोहतासगढ़ बिहार में है।
- रुपया चाँदी का सिक्का है; उसे ताँबे का सिक्का न कहें।
- पट्टा राज्य द्वारा दिया दस्तावेज है; कबूलियत किसान की स्वीकृति/समझौता है।
- ग्रैंड ट्रंक रोड के लिए “शेरशाह ने पुनर्निर्माण/सुधार किया” लिखें, हर ऐतिहासिक भाग को शून्य से बनाने का दावा न करें।