प्लासी और बक्सर के युद्ध: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स
BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग
तिथि, स्थान, सेनानायक, भारतीय पक्ष, तत्काल परिणाम, इलाहाबाद की संधि और 1765 की दीवानी तैयार करें। BPSC के लिए बक्सर विशेष महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार में है और इसने गंगा घाटी में कंपनी को निर्णायक रणनीतिक लाभ दिया।
कालक्रम
प्लासी बनाम बक्सर
| बिंदु | प्लासी | बक्सर |
|---|---|---|
| वर्ष | 1757 | 1764 |
| स्थान | प्लासी/पलाशी, बंगाल | बक्सर, बिहार, गंगा के किनारे |
| कंपनी सेनानायक | रॉबर्ट क्लाइव | हेक्टर मुनरो |
| मुख्य भारतीय पक्ष | सिराजुद्दौला; मीर जाफर ने प्रभावी सहयोग नहीं किया। | मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय। |
| तत्काल प्रभाव | मीर जाफर नवाब बनाए गए; कंपनी का प्रभाव बहुत बढ़ा। | निर्णायक कंपनी विजय; 1765 की इलाहाबाद व्यवस्था और दीवानी का मार्ग। |
प्लासी का युद्ध, 1757
प्लासी का युद्ध रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व वाली ईस्ट इंडिया कंपनी और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुआ। दरबारी षड्यंत्र तथा मुख्य लोगों, विशेषकर मीर जाफर, के दलबदल/निष्क्रियता ने सिराजुद्दौला के पक्ष को कमजोर किया। जीत के बाद कंपनी ने मीर जाफर को नवाब बनाया और भूमि तथा धन प्राप्त किया। सही उत्तर यह नहीं कि “1757 में पूरा भारत ब्रिटिश हो गया”, बल्कि यह कि प्लासी ने बंगाल में कंपनी वर्चस्व का प्रमुख मार्ग खोला।
बक्सर का युद्ध, 1764
बिहार के बक्सर में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व वाली कंपनी सेना ने मीर कासिम, अवध के शुजाउद्दौला और मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेनाओं को हराया। संस्कृति मंत्रालय इसे कंपनी की निर्णायक विजय बताता है। बाद की 1765 इलाहाबाद व्यवस्था से बड़े राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन हुए: कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली तथा अवध और शाह आलम द्वितीय पर कंपनी का प्रभाव बढ़ा।
परिणाम: सटीक भाषा
| प्लासी के बाद | बक्सर के बाद |
|---|---|
| कंपनी बंगाल के नवाब पद को प्रभावित करने लगी। | कंपनी ने बंगाल, अवध और मुगल हितों के व्यापक गठबंधन को हराया। |
| कंपनी अधिकारियों को बड़े अनुदान और धन मिले। | 1765 में कंपनी बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवान बनी। |
| राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा। | राजस्व संसाधनों ने क्षेत्रीय विस्तार को मजबूत किया। |
प्रारंभिक परीक्षा के जाल
- प्लासी: रॉबर्ट क्लाइव; बक्सर: हेक्टर मुनरो।
- प्लासी: सिराजुद्दौला; बक्सर: मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय।
- प्लासी के बाद मीर जाफर नवाब बने; मीर कासिम ने बाद में राजधानी मुंगेर की।
- बक्सर दीवानी अनुदान से पहले हुआ, बाद में नहीं।
- दीवानी में बंगाल, बिहार और उड़ीसा थे—अवध नहीं।
- बक्सर बिहार में है; प्लासी बंगाल में है।