मध्यकालीन बिहार: पाल, कर्नाट, ओइनिवार और क्षेत्रीय विकास
BPSC की मांग
यह बिहार-विशेष विषय है। वंश–क्षेत्र–शासक–संस्कृति के युग्म याद करें और मध्यकालीन तिथियों की अनिश्चितता का सम्मान करें। सुरक्षित क्रम है: बिहार-बंगाल में पाल प्रभाव → मिथिला में कर्नाट → तिरहुत-मिथिला में ओइनिवार/ठाकुर शासक।
बिहार के मुख्य युग्म
वंश/व्यक्ति
सुरक्षित संकेत
पाल
गोपाल ने आठवीं शताब्दी के मध्य में वंश स्थापित किया; बिहार-बंगाल के बड़े भाग पर शासन और बौद्ध धर्म का संरक्षण।
धर्मपाल
पाल शासक; परंपरागत रूप से विक्रमशिला की स्थापना का श्रेय।
देवपाल
विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण पाल शासक।
रामपाल
उत्तरकालीन पाल शासक; संध्याकर नंदी का रामचरित उनके शासन से संबंधित है।
मिथिला के कर्नाट
नान्यदेव ने वंश स्थापित किया; सीमरौनगढ़/सिमराँव भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की राजधानी।
ओइनिवार/ठाकुर वंश
कामेश्वर ठाकुर और बाद की मध्यकालीन मिथिला से संबंध; विद्यापति को संरक्षण।
स्मरण-क्रम
संस्कृति और संस्थान
विषय
सही संबंध
नालंदा
बिहार का प्रमुख बौद्ध केंद्र; पाल शासन में संरक्षण मिला।
विक्रमशिला
बिहार का प्रमुख पालकालीन बौद्ध महाविहार, धर्मपाल से जुड़ा।
पाल कला
बौद्ध प्रतिमाएँ, पांडुलिपियाँ और धातु-शिल्प; बिहार-बंगाल का संदर्भ।