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मध्यकालीन बिहार: पाल, कर्नाट, ओइनिवार और क्षेत्रीय विकास

8 min read · Updated 15 Sep 2026

मध्यकालीन बिहार: पाल, कर्नाट, ओइनिवार और क्षेत्रीय विकास

BPSC की मांग

यह बिहार-विशेष विषय है। वंश–क्षेत्र–शासक–संस्कृति के युग्म याद करें और मध्यकालीन तिथियों की अनिश्चितता का सम्मान करें। सुरक्षित क्रम है: बिहार-बंगाल में पाल प्रभाव → मिथिला में कर्नाट → तिरहुत-मिथिला में ओइनिवार/ठाकुर शासक।

बिहार के मुख्य युग्म

वंश/व्यक्तिसुरक्षित संकेत
पालगोपाल ने आठवीं शताब्दी के मध्य में वंश स्थापित किया; बिहार-बंगाल के बड़े भाग पर शासन और बौद्ध धर्म का संरक्षण।
धर्मपालपाल शासक; परंपरागत रूप से विक्रमशिला की स्थापना का श्रेय।
देवपालविस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण पाल शासक।
रामपालउत्तरकालीन पाल शासक; संध्याकर नंदी का रामचरित उनके शासन से संबंधित है।
मिथिला के कर्नाटनान्यदेव ने वंश स्थापित किया; सीमरौनगढ़/सिमराँव भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की राजधानी।
ओइनिवार/ठाकुर वंशकामेश्वर ठाकुर और बाद की मध्यकालीन मिथिला से संबंध; विद्यापति को संरक्षण।

स्मरण-क्रम

संस्कृति और संस्थान

विषयसही संबंध
नालंदाबिहार का प्रमुख बौद्ध केंद्र; पाल शासन में संरक्षण मिला।
विक्रमशिलाबिहार का प्रमुख पालकालीन बौद्ध महाविहार, धर्मपाल से जुड़ा।
पाल कलाबौद्ध प्रतिमाएँ, पांडुलिपियाँ और धातु-शिल्प; बिहार-बंगाल का संदर्भ।
विद्यापतिमैथिली और संस्कृत कवि; ओइनिवार शासकों का संरक्षण।
रामचरितसंध्याकर नंदी की रामपाल से संबंधित रचना।

20 अभ्यास प्रश्न