गांधी के आरंभिक आंदोलन, रॉलेट, खिलाफत और असहयोग
BPSC की मांग
आंदोलन–स्थान–वर्ष–मुद्दा याद करें। चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा को न मिलाएँ: इनमें क्रमशः नील किसान, मिल श्रमिक और भू-राजस्व का प्रश्न था। असहयोग को सितंबर 1920 के कलकत्ता विशेष अधिवेशन ने स्वीकृत किया और फरवरी 1922 में चौरी चौरा के बाद वापस लिया गया।
कालक्रम
मुख्य तुलना
| आंदोलन | स्थान / मुद्दा |
|---|---|
| चंपारण, 1917 | बिहार; नील किसान और बागान की शर्तें। |
| अहमदाबाद, 1918 | मिल श्रमिकों का श्रम-विवाद। |
| खेड़ा, 1918 | गुजरात; फसल खराबी में राजस्व-राहत; वल्लभभाई पटेल प्रमुख संगठक। |
| रॉलेट, 1919 | रॉलेट कानून के विरोध में सत्याग्रह। |
| खिलाफत | प्रथम विश्वयुद्ध के बाद उस्मानी खलीफा का प्रश्न; असहयोग से जुड़ा। |
| असहयोग | उपाधि, संस्थान और विदेशी कपड़े का बहिष्कार; अहिंसा केंद्रीय थी। |