BPSC · History

भारत में यूरोपीय और अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

28 min read · Updated 15 Sep 2026

भारत में यूरोपीय और अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग

आगमन–वर्ष–स्थान, कंपनी–देश का मिलान, अंग्रेज़ों की शुरुआती बस्तियाँ, मुगल अनुमति और फ्रांसीसी-अंग्रेज़ी प्रतिद्वंद्विता तैयार करें। प्रश्नों में पुर्तगाली, डच, अंग्रेज़ और फ्रांसीसी को आपस में मिलाया जाता है तथा व्यापारिक कंपनी और बाद के ब्रिटिश राजसत्ता को भी गड्डमड्ड किया जाता है।

महत्त्वपूर्ण कालक्रम

वर्षघटनामहत्त्व
1498वास्को द गामा कालीकट पहुँचा।केप ऑफ गुड होप के रास्ते यूरोप और भारत का प्रत्यक्ष समुद्री संपर्क बना।
1505फ्रांसिस्को द अल्मेडा भारत में पहला पुर्तगाली वायसराय बना।पश्चिमी तट पर पुर्तगाली राजनीतिक-व्यापारिक उपस्थिति बढ़ी।
1510अल्फांसो द अल्बुकर्क ने गोवा पर अधिकार किया।गोवा भारत में पुर्तगालियों का प्रमुख आधार बना।
1600एलिज़ाबेथ प्रथम ने अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी को राजकीय चार्टर दिया।कंपनी के कानूनी निगम-इतिहास का आरंभ-बिंदु।
1602डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) बनी।एशियाई व्यापार में डचों की बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी।
1612–1613स्वाली/सुवाली में अंग्रेज़ों की नौसैनिक सफलता के बाद सूरत में फैक्टरी बनी।मुगल भारत में अंग्रेज़ों का प्रारंभिक ठिकाना।
1615सर टॉमस रो जहाँगीर के दरबार पहुँचे।अंग्रेज़ी कूटनीति ने व्यापारिक सुविधाएँ माँगीं।
1639–1640अंग्रेज़ों ने मद्रास का स्थान पाया और फोर्ट सेंट जॉर्ज विकसित किया।कोरोमंडल तट की प्रेसिडेंसी बस्ती।
1668अंग्रेज़ी क्राउन ने बंबई कंपनी को पट्टे पर दी।यह पश्चिमी प्रेसिडेंसी की महत्त्वपूर्ण बस्ती बनी।
1690 का दशककलकत्ता में अंग्रेज़ी बस्ती विकसित हुई।बंगाल प्रेसिडेंसी का केंद्र बना।
1717फर्रुखसियर के फरमान ने कंपनी को, विशेषकर बंगाल में, महत्त्वपूर्ण व्यापारिक सुविधाएँ दीं।बहुत पूछे जाने वाला तथ्य; इसे 1765 की दीवानी से न मिलाएँ।
1760–1763वांडीवाश में अंग्रेज़ों की जीत और पेरिस की संधि से भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा सीमित हुई।विस्तार की सबसे बड़ी यूरोपीय संभावना अंग्रेज़ों के पास रह गई।

यूरोपीय शक्तियाँ: एक नज़र में

शक्तिभारत में प्रमुख संबंधयाद रखने का सूत्र
पुर्तगालीवास्को द गामा; गोवा; सतत यूरोपीय समुद्री उपस्थिति की शुरुआत।1498–कालीकट; 1510–गोवा।
डचVOC (1602); मसाला व्यापार और पुलिकट/चिनसुरा जैसी बस्तियाँ।VOC = डच, अंग्रेज़ नहीं।
अंग्रेज़ईस्ट इंडिया कंपनी (1600); सूरत, मद्रास, बंबई और कलकत्ता।चार्टर = एलिज़ाबेथ प्रथम।
फ्रांसीसीफ्रांसीसी कंपनी (1664); पांडिचेरी; कर्नाटक की प्रतिद्वंद्विता।वांडीवाश (1760) ने राजनीतिक संभावना कम की।
डेनिशत्रांक्वेबार और सेरमपुर।छोटी व्यापारिक उपस्थिति; पांडिचेरी से न मिलाएँ।

अंग्रेज़ी कंपनी का प्रारंभिक मार्ग

31 दिसंबर 1600 के राजकीय चार्टर ने अंग्रेज़ी व्यापारियों को केप ऑफ गुड होप के पूर्व में सीमित अवधि तक व्यापार का विशेषाधिकार दिया। कंपनी का शुरुआती उद्देश्य एशियाई व्यापार से लाभ कमाना था। उसे भारतीय शासकों की अनुमति, बंदरगाह, गोदाम, जहाज़, भारतीय व्यापारी और सशस्त्र सुरक्षा की आवश्यकता थी। इस संदर्भ में फैक्टरी का अर्थ व्यापारिक प्रतिष्ठान या कोठी है; आधुनिक उत्पादन-कारखाना नहीं।

विलियम हॉकिन्स सत्रहवीं शताब्दी के आरंभ में मुगल दरबार पहुँचे और सर टॉमस रो 1615 से जहाँगीर के दरबार में अंग्रेज़ी राजदूत रहे। स्वाली/सुवाली की नौसैनिक घटना के बाद सूरत के रास्ते अंग्रेज़ी व्यापार बढ़ा। बाद में कंपनी ने मद्रास, बंबई और कलकत्ता की तीन बड़ी प्रेसिडेंसी बस्तियाँ विकसित कीं।

अंग्रेज़ों की शुरुआती बस्तियाँ: सही मिलान करें

स्थानमुख्य वर्ष / घटनापरीक्षा के लिए सुरक्षित संबंध
सूरत1612 की स्वाली घटना के बाद 1613 में फैक्टरी बनी।मुगल भारत की प्रारंभिक अंग्रेज़ी फैक्टरी।
मद्रास (चेन्नई)1639 में स्थान मिला; 1640 से फोर्ट सेंट जॉर्ज विकसित हुआ।कोरोमंडल तट; फोर्ट सेंट जॉर्ज।
बंबई (मुंबई)1668 में क्राउन ने कंपनी को पट्टे पर दी।पश्चिमी प्रेसिडेंसी; पट्टे का वर्ष 1600 नहीं है।
कलकत्ता (कोलकाता)सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में बस्ती विकसित हुई; सुतानुती, कलिकाता और गोविंदपुर जुड़े थे।बंगाल प्रेसिडेंसी; फोर्ट विलियम।

मुगल अनुमति और शक्ति का परिवर्तन

केवल व्यापारिक रियायत से कंपनी को संप्रभुता नहीं मिली थी। कंपनी ने फरमान, स्थानीय समझौते और व्यापारिक सुविधाओं से अपना व्यापार बढ़ाया। फर्रुखसियर का 1717 का फरमान कंपनी को, विशेषकर बंगाल में, महत्त्वपूर्ण व्यापारिक सुविधाएँ देने के लिए याद रखा जाता है। बहुत बाद में प्लासी और बक्सर के बाद कंपनी ने राजस्व और सैन्य शक्ति के सहारे व्यापारिक प्रभाव को क्षेत्रीय सत्ता में बदला।

प्रारंभिक परीक्षा के जाल

  • वास्को द गामा 1498 में कालीकट पहुँचे; उन्होंने अंग्रेज़ी कंपनी की स्थापना नहीं की।
  • VOC डच ईस्ट इंडिया कंपनी (1602) है; EIC अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी (1600) है।
  • सूरत प्रारंभिक अंग्रेज़ी फैक्टरी से, मद्रास फोर्ट सेंट जॉर्ज से, बंबई 1668 के पट्टे से और कलकत्ता बंगाल प्रेसिडेंसी से जुड़ा है।
  • वांडीवाश फ्रांसीसी-अंग्रेज़ी संघर्ष था, पुर्तगाली-अंग्रेज़ी युद्ध नहीं।
  • फर्रुखसियर का फरमान (1717) व्यापारिक सुविधा देता था; दीवानी (1765) ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजस्व अधिकार दिए।
  • फैक्टरी का अर्थ व्यापारिक कोठी, गोदाम और कार्यालय है—मशीनों वाला औद्योगिक कारखाना नहीं।

20 BPSC प्रारंभिक परीक्षा MCQ