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औपनिवेशिक प्रशासन, न्यायपालिका, पुलिस और सिविल सेवाएँ: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

32 min read · Updated 15 Sep 2026

औपनिवेशिक प्रशासन, न्यायपालिका, पुलिस और सिविल सेवाएँ: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग

अधिनियम–वर्ष–प्रावधान, न्यायालय–कार्य, पुलिस–कानून, सेवा–भर्ती और बिहार की संस्थाओं का संबंध तैयार करें। अधिनियमों को अलग-अलग तिथि के रूप में न पढ़ें; हर अधिनियम द्वारा हुए प्रशासनिक परिवर्तन का मिलान करें। प्रश्नों में रेगुलेटिंग एक्ट 1773, पिट्स इंडिया एक्ट 1784, 1858 में क्राउन को हस्तांतरण, उच्च न्यायालय अधिनियम 1861, पुलिस अधिनियम 1861 और भारतीय सिविल सेवा अक्सर पूछी जाती है।

महत्त्वपूर्ण कालक्रम

वर्षकदम / घटनापरीक्षा के लिए महत्त्व
1772वॉरेन हेस्टिंग्स ने बंगाल में न्यायिक योजना लागू की।कंपनी शासन में दीवानी और फौजदारी न्याय की व्यवस्था संगठित हुई।
1773रेगुलेटिंग एक्ट (विनियामक अधिनियम)।बंगाल का गवर्नर, बंगाल का गवर्नर-जनरल बना; वॉरेन हेस्टिंग्स पहले थे। 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट बना।
1784पिट्स इंडिया एक्ट।बोर्ड ऑफ कंट्रोल बना; कंपनी के कार्यों पर ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण बढ़ा।
1793कॉर्नवालिस कोड / सुधार।न्यायिक पुनर्गठन और सिविल सेवा सुधारों से संबंधित।
1833चार्टर एक्ट।बंगाल का गवर्नर-जनरल, भारत का गवर्नर-जनरल बना; विलियम बेंटिक पहले थे।
1853–1855चार्टर एक्ट 1853 और प्रतियोगी भर्ती।कंपनी का संरक्षण-तंत्र समाप्त हुआ; 1855 में लंदन में खुली प्रतियोगी परीक्षा आरंभ हुई।
1858गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट।कंपनी से ब्रिटिश क्राउन को शासन हस्तांतरित हुआ; लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय बने।
1860भारतीय दंड संहिता अधिनियमित की गई।सामान्य दंड संहिता; प्रथम विधि आयोग और मैकाले के प्रारूप से जुड़ी।
1861भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम और पुलिस अधिनियम।उच्च न्यायालय का ढाँचा और पुलिस पुनर्गठन का कानून।
1862कलकत्ता, बंबई और मद्रास में उच्च न्यायालय शुरू हुए।इन प्रेसिडेंसियों में पुराने सुप्रीम कोर्ट और सदर अदालतों का स्थान लिया।
1916पटना उच्च न्यायालय अस्तित्व में आया।बिहार की महत्त्वपूर्ण संस्थागत जानकारी; 1916 में काम शुरू हुआ।
1926पहला लोक सेवा आयोग स्थापित हुआ।लोक सेवा भर्ती के विकास की बाद की महत्त्वपूर्ण अवस्था।

प्रशासनिक अधिनियम: परिवर्तन से मिलान करें

कदमक्या बदलायाद रखने का सूत्र
रेगुलेटिंग एक्ट, 1773संसद का पहला बड़ा हस्तक्षेप; बंगाल के गवर्नर-जनरल और सुप्रीम कोर्ट का ढाँचा।1773 = केंद्रीय नियंत्रण का पहला बड़ा कदम।
पिट्स इंडिया एक्ट, 1784बोर्ड ऑफ कंट्रोल ने राजनीतिक मामलों की देखरेख की; कंपनी का तंत्र चलता रहा।1784 = द्वैध नियंत्रण।
चार्टर एक्ट, 1833केंद्रीकरण; भारत का गवर्नर-जनरल; पहले विलियम बेंटिक।1833 = “भारत का”, केवल बंगाल का नहीं।
गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858कंपनी का शासन क्राउन को गया; ब्रिटेन में भारत सचिव का पद महत्त्वपूर्ण हुआ।1858 = क्राउन शासन, पहले वायसराय कैनिंग।
इंडियन काउंसिल्स एक्ट, 1861क्राउन शासन के बाद विधायी परिषदों की व्यवस्था से जुड़ा।इसे उसी वर्ष के पुलिस अधिनियम से न मिलाएँ।

जिला प्रशासन: केंद्र में कलेक्टर

औपनिवेशिक जिले में कलेक्टर का मुख्य काम राजस्व वसूलना था। NCERT कलेक्टर को राजस्व और कर वसूलने तथा न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों और दारोगाओं की सहायता से कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाला प्रमुख व्यक्ति बताता है। कलेक्टरेट सत्ता का केंद्र बन गया। कार्यों का यही केंद्रीकरण बताता है कि औपनिवेशिक जिला इतना शक्तिशाली प्रशासनिक इकाई क्यों था।

कंपनी शासन की शुरुआती देखरेख ब्रिटेन में कंपनी के निदेशक करते थे। पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल जोड़ा, जिसे द्वैध नियंत्रण कहा जाता है। 1858 के बाद ब्रिटिश क्राउन ने शासन संभाला और भारत सचिव ने इंडिया ऑफिस के माध्यम से ब्रिटेन से अधिकार चलाया।

औपनिवेशिक न्यायपालिका: शब्दावली स्पष्ट करें

संस्था / शब्दमुख्य संबंधकिससे न मिलाएँ
दीवानीनागरिक और राजस्व मामले।फौजदारी न्याय नहीं।
निजामत / फौजदारीआपराधिक न्याय।भूमि-राजस्व के दीवानी मुकदमे नहीं।
कलकत्ता का सुप्रीम कोर्टरेगुलेटिंग एक्ट की व्यवस्था के अंतर्गत 1774 में स्थापित।बाद के उच्च न्यायालय से अलग।
सदर दीवानी अदालत / सदर निजामत अदालतकंपनी-कालीन न्याय में उच्च अपीलीय व्यवस्था।प्रेसिडेंसी व्यवस्था में इनके स्थान पर उच्च न्यायालय आए।
भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861उच्च न्यायालयों का आधार; 1862 में कलकत्ता, बंबई, मद्रास में आरंभ।यह पुलिस कानून नहीं है।
भारतीय दंड संहिता, 1860सामान्य दंड संहिता, 1860 का अधिनियम 45।इसे पुलिस अधिनियम से न मिलाएँ।

पुलिस और सिविल सेवाएँ

1857 के विद्रोह के बाद पुलिस अधिनियम, 1861 (अधिनियम 5, 1861) बनाया गया। इसका घोषित उद्देश्य पुलिस को पुनर्गठित करना और अपराध की रोकथाम व पता लगाने में उसे अधिक प्रभावी बनाना था। इसने ऐसा ढाँचा दिया जिसमें प्रांतीय सरकार के पास अधीक्षण था और पुलिस महानिरीक्षक महत्त्वपूर्ण पद था। उत्तर में “औपनिवेशिक पुलिस पुनर्गठन” लिखें; यह न लिखें कि इस अधिनियम ने आज की संपूर्ण पुलिस-व्यवस्था बना दी।

लॉर्ड कॉर्नवालिस को कंपनी-कालीन सेवा सुधारों के कारण परंपरागत रूप से भारतीय सिविल सेवा का जनक कहा जाता है, यद्यपि उच्च सेवाएँ अधिकतर यूरोपियों तक सीमित थीं। चार्टर एक्ट 1853 ने संरक्षण-तंत्र समाप्त किया; 1854 की मैकाले समिति के बाद 1855 में लंदन में सिविल सेवा की खुली प्रतियोगी परीक्षा शुरू हुई। सत्येन्द्रनाथ टैगोर ICS के लिए अर्हता पाने वाले पहले भारतीय थे। भर्ती प्रक्रिया और भारतीय प्रतिनिधित्व बाद में बदले; आधुनिक UPSC व्यवस्था को औपनिवेशिक समय पर पीछे से न थोपें।

प्रारंभिक परीक्षा के जाल

  • 1773: बंगाल का गवर्नर-जनरल; 1833: भारत का गवर्नर-जनरल।
  • वॉरेन हेस्टिंग्स बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल, विलियम बेंटिक भारत के पहले गवर्नर-जनरल और कैनिंग पहले वायसराय थे।
  • 1858 में कंपनी से क्राउन को शासन गया। इससे 1600 का कंपनी चार्टर क्राउन शासन का कानून नहीं बनता।
  • कलकत्ता का सुप्रीम कोर्ट 1774/रेगुलेटिंग एक्ट के संदर्भ में है; उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 का है और उच्च न्यायालय 1862 में शुरू हुए।
  • दीवानी = नागरिक/राजस्व; निजामत = आपराधिक।
  • पुलिस अधिनियम 1861 और भारतीय दंड संहिता 1860 अलग कानून हैं।
  • ICS की प्रतियोगी परीक्षा 1855 में लंदन में शुरू हुई; सत्येन्द्रनाथ टैगोर पहले भारतीय अर्हताप्राप्त व्यक्ति थे।

20 BPSC प्रारंभिक परीक्षा MCQ