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पटना कलम / पटना चित्रशैली: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

8 min read · Updated 13 Sep 2026

पटना कलम / पटना चित्रशैली: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग

पटना कलम बिहार-विशेष कला-विषय है। BPSC के लिए इसके नाम, स्थान, काल, विषय-वस्तु, सामग्री और दरबारी मुगल चित्रकला से अंतर याद करें। मुख्य श्रृंखला है: पटना → लगभग 1760 से बीसवीं सदी के आरंभिक दशक → आम जन-जीवन → कागज, अभ्रक और हाथीदांत → मुगल-मूल / कंपनी चित्रकला का संदर्भ।

कालक्रम: समय के लिए सावधान भाषा

पटना कलम क्या है?

पटना कलम को पटना स्कूल ऑफ पेंटिंग या पटना क़लम भी कहा जाता है। बिहार सरकार के स्रोत इसे बिहार में विकसित मुगल चित्रकला की एक शाखा बताते हैं। बिहार पर्यटन इसमें मुगल और फारसी शैलियों का मेल बताता है, जबकि बिहार फाउंडेशन इसे कंपनी चित्रकला के संदर्भ में रखता है। परीक्षा की दृष्टि से सबसे उपयोगी पहचान है कि इसमें आम लोगों का जीवन दिखाया गया, केवल राजसी और दरबारी दृश्य नहीं।

विशेषता तालिका

विशेषतापटना कलम
मुख्य केंद्रपटना; बिहार के स्रोत पटना, दानापुर और आरा को भी प्रमुख केंद्र बताते हैं।
कालव्यापक रूप से अठारहवीं से बीसवीं सदी का आरंभ; संग्रहालय की भाषा: लगभग 1760 से बीसवीं सदी के आरंभिक दशक।
कलात्मक जड़ेंमुगल-मूल; बिहार पर्यटन मुगल–फारसी मेल बताता है; कंपनी चित्रकला के संदर्भ में भी चर्चा होती है।
विषयआम लोगों का दैनिक जीवन, बाजार के दृश्य, स्थानीय शासक, त्योहार, समारोह और समकालीन सामाजिक घटनाएँ।
सामग्री/धरातलपटना संग्रहालय के संग्रह में कागज, अभ्रक और हाथीदांत।
खरीदार/बाजारबिहार पर्यटन के अनुसार ब्रिटिश खरीदार इन चित्रों को स्मृति-चिह्न के रूप में खरीदते थे।

सावधानी से तुलना करें

बिंदुमुगल दरबारी चित्रकला (व्यापक तुलना)पटना कलम
सामान्य जोरराजपरिवार और दरबारी दृश्य प्रमुख हैं।आम लोग और समकालीन सामाजिक जीवन प्रमुख हैं।
क्षेत्रीय पहचानसाम्राज्य/दरबार की परंपरा।पटना से जुड़ी बिहार-केंद्रित क्षेत्रीय चित्रशैली।
संबंधएक महत्वपूर्ण कलात्मक मूल।मुगल प्रभाव से पूरी तरह अलग नहीं; बिहार स्रोत इसे शाखा/मेल कहते हैं।

प्रारंभिक परीक्षा के जाल

  • पटना कलम प्राचीन मौर्य मूर्तिकला की शैली नहीं है।
  • यह पटना/बिहार से जुड़ी है, केवल मिथिला से नहीं।
  • आम जीवन, बाजार और समारोह इसकी प्रमुख पहचान हैं; केवल दरबारी दृश्य पर्याप्त संकेत नहीं हैं।
  • पटना संग्रहालय द्वारा बताए गए प्रमुख धरातल कागज, अभ्रक और हाथीदांत हैं।
  • विस्तृत अवधि सावधानी से लिखें: लगभग 1760 से बीसवीं सदी का आरंभ; केवल बीसवीं सदी न लिखें।
  • उद्धृत स्रोतों में पटना कलम, पटना क़लम और पटना स्कूल ऑफ पेंटिंग एक ही चित्रशैली के नाम हैं।

20 BPSC प्रारंभिक परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्न