BPSC · History

दिल्ली सल्तनत: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

8 min read · Updated 13 Sep 2026

दिल्ली सल्तनत: BPSC प्रारंभिक परीक्षा नोट्स

BPSC प्रारंभिक परीक्षा की माँग

वंश-क्रम, शासक, प्रशासन, राजस्व शब्द, नगर, स्मारक, मंगोल दबाव और 1526 के अंत पर तैयारी करें। प्रश्नों में अक्सर शासक–नीति, स्मारक–संरक्षक, शब्द–अर्थ और कालक्रम पूछा जाता है।

सरल परिचय

दिल्ली सल्तनत से आशय 1206 से 1526 में प्रथम पानीपत युद्ध तक दिल्ली से शासन करने वाले वंशों से है। मानक वंश-क्रम है—ममलूक (जिसे प्रायः गुलाम वंश कहा जाता है), खिलजी, तुगलक, सैय्यद और लोदी। प्रशासन की भाषा फारसी थी और समकालीन फारसी इतिहास-ग्रंथ को तारीख तथा बहुवचन में तवारीख कहा जाता है।

वंश और प्रमुख शासक

वंशमुख्य शासक / तथ्य
ममलूक, 1206–1290कुतुबुद्दीन ऐबक; इल्तुतमिश; रज़िया; बलबन
खिलजी, 1290–1320अलाउद्दीन खिलजी: बाजार नियंत्रण, राजस्व उपाय, मंगोलों से रक्षा
तुगलक, 1320–1414मुहम्मद बिन तुगलक; फिरोज शाह तुगलक
सैय्यद, 1414–1451खिज्र खान ने वंश की स्थापना की
लोदी, 1451–1526अफगान वंश; 1526 में इब्राहिम लोदी को बाबर ने हराया

कालक्रम

प्रशासन: अलग-अलग शब्द

शब्दअर्थ / उपयोग
इक्ताक्षेत्रीय राजस्व-अधिकार या राजस्व नियोजन।
मुक्ति / इक्तादारइक्ता का धारक; अभियान चलाना, व्यवस्था बनाए रखना और नियत राजस्व लेना उसकी जिम्मेदारी थी।
तारीख / तवारीखफारसी ऐतिहासिक ग्रंथ / ग्रंथों का बहुवचन।
जिज्यासल्तनत काल में गैर-मुसलमानों पर लगाया जाने वाला कर; इसे भूमि-राजस्व से न मिलाएँ।
खराजNCERT के वर्णन में खेती/भूमि पर कर।

शासक और नीतियाँ

इल्तुतमिश ने आरंभिक सल्तनत को सुदृढ़ किया और प्रमुख पदों के लिए प्रशिक्षित सैन्य दासों को प्राथमिकता दी। रज़िया, इल्तुतमिश की पुत्री, 1236 में सुल्तान बनीं; NCERT बताता है कि स्वतंत्र रूप से शासन करने के उनके प्रयास का अमीरों ने विरोध किया। अलाउद्दीन खिलजी ने राजस्व वसूली को मजबूत किया, मंगोल दबाव में बड़ी सेना रखी और बाजार नियंत्रण से जुड़े हैं। मुहम्मद बिन तुगलक दौलताबाद को राजधानी बनाने के प्रयास और सांकेतिक मुद्रा प्रयोग से जुड़े हैं। फिरोज शाह तुगलक लोक-निर्माण और नहरों से संबंधित हैं। केवल एक-शब्द तथ्य नहीं, कारण और परिणाम भी याद रखें।

वास्तुकला और स्मारक

स्मारकसुरक्षित संबंध
कुतुब मीनारनिर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक के अधीन शुरू हुआ; बाद के शासकों ने परिसर और मीनार पर भी कार्य कराया।
कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिदकुतुब परिसर की आरंभिक सल्तनत मस्जिद; इल्तुतमिश और बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने इसका विस्तार कराया।
इल्तुतमिश का मकबरा1235 में बना; शाही मकबरा-निर्माण की आरंभिक परंपरा।
अलाई दरवाजा1311 में अलाउद्दीन खिलजी ने बनवाया।
अलाई मीनारअलाउद्दीन खिलजी ने शुरू कराई; अधूरी रह गई।

प्रारंभिक परीक्षा के जाल

  • रज़िया की आधिकारिक राजनीतिक पहचान “सुल्तान” थी, “सुल्ताना” नहीं।
  • NCERT के अनुसार इक्ता स्थायी वंशानुगत जागीर नहीं था; धारकों का तबादला हो सकता था।
  • जिज्या और खराज एक जैसे कर नहीं हैं।
  • अलाई दरवाजा अलाउद्दीन खिलजी से जुड़ा है, इल्तुतमिश से नहीं।
  • कुतुब परिसर का लौह स्तंभ सल्तनत से पहले का है; उस पर चौथी शताब्दी का संस्कृत अभिलेख है।
  • दिल्ली सल्तनत 1498 में नहीं, 1526 में इब्राहिम लोदी की हार के साथ समाप्त हुई।

20 BPSC प्रारंभिक परीक्षा MCQ